UP Election 2022: शिवसेना बोली- ओवैसी बीजेपी के अंडरगार्मेंट की तरह, भाजपा की जीत के सूत्रधार

Atul Gupta, Last updated: Mon, 27th Sep 2021, 3:10 PM IST
  • UP Election 2022: शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए असदुद्दीन ओवैसी पर जमकर हमला बोला है. शिवसेना ने ओवैसी को बीजेपी का अंडरगार्मेंट करार देते हुए AIMIM को बीजेपी की जीत का सूत्रधार बताया है. शिवसेना ने लिखा कि बिहार में ओवैसी कट्टरता पर नहीं कूदे होते तो आरजेडी की सरकार बननी तय थी.
AIMIM पर शिवसेना का हमला (फाइल फोटो)

लखनऊ: शिवसेना ने असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन AIMIM को बीजेपी का अंडरगार्मेंट (BJP Ka Under garment) बताया है. यही नहीं, शिवसेना ने ये भी कहा कि बीजेपी को जिताने के लिए एआईएमआईएम पर्दे के पीछे से सूत्रधार का काम करती है. शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा कि बीजेपी की सफल चुनावी यात्रा के पीछे सूत्रधार की भूमिका में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM है. लेख में आगे कहा गया कि यही कारण है कि बीजेपी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही है.

सामना के संपादकीय के जरिए शिवसेना ने बीजेपी से पूछा कि क्या सत्ताधारी पार्टी की राजनीति पाकिस्तान का नाम लिए बिना आगे नहीं चल सकती? गौरतलब है कि पिछले दिनों यूपी विधानसभा चुनाव (UP Election 2022) को लेकर प्रयागराज से लखनऊ आते हुए असदुद्दीन ओवैसी के समर्थकों ने उनके काफिले को रोक लिया था, इस दौरान पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए. शिवसेना ने पूछा कि यूपी में अबतक ऐसा मामला सामने नहीं आया था लेकिन जैसे ही चुनाव नजदीक आए वैसे ही ओवैसी पहुंच गए और भड़काऊ भाषण शुरू हो गए.

शिवसेना ने पश्चिम बंगाल और बिहार विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों में भी ऐसा ही देखने को मिला था जब सांप्रदायिक विभाजन की कोशिशें हुई थी. सामना ने लिखा कि बिहार में ओवैसी कट्टरता पर नहीं कूदे होते तो बिहार की सत्ता तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी के हाथ में होती. उसी तरह बंगाल में ओवैसी ने अनाप-शनाप बयान देकर मुसलमानों को भड़काने की कोशिश की लेकिन वहां उनकी एक ना चली.

शिवसेना ने आगे लिखा कि जिस दिन ओवैसी में ये कहने की हिम्मत आएगी कि मुसलमान इस देश के नागरिक हैं और उन्हें देश के संविधान का पालन करते हुए अपना मार्ग बनाना चाहिए, तब कहीं जाकर उन्हें राष्ट्र नेता के तौर पर प्रतिष्ठा मिलेगी. जबतक वो ऐसा नहीं करते तबतक उन्हें बीजेपी के अंतरवस्त्र के रूप में ही देखा जाएगा.

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