UP जिन्ना विवादः अखिलेश के बयान पर स्वतंत्रदेव-India की किताब पढ़ें या Pak की

Shubham Bajpai, Last updated: Sat, 6th Nov 2021, 11:06 PM IST
  • सपा प्रमुख अखिलेश यादव के जिन्ना बयान पर कायम रहने के बाद दोबारा किताबें पढ़ने के बयान पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. स्वतंत्रदेव ने कहा कि अखिलेश का जिन्ना के प्रति प्रेम अटूटू है. अखिलेश ये भी बताए कि इतिहास की किताबें हिंदुस्तान की पढ़नी है या पाकिस्तान की.
UP जिन्ना विवादः अखिलेश के बयान पर स्वतंत्रदेव-India की किताब पढ़ें या Pak की

लखनऊ. जिन्ना की तुलना सरदार पटेल समेत कई महापुरुषों से करने के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का दोबारा किताबें पढ़ने को बयान को लेकर विपक्ष हमलावर हो गया है. अखिलेश के इस बयान की भाजपा ने कड़ी आलोचना की. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने अखिलेश का जिन्ना पर अटूट प्रेम होने की बात कही और कहा कि अखिलेश अब ये भी बता दें कि किताबें हिंदुस्तान की पढ़नी है या पाकिस्तान.

यूपी चुनाव को ध्यान में रखते हुए स्वंतत्रदेव सिंह ने कहा कि जिन्ना का गुणगान करने वाले लोगों को जनता कभी माफ नहीं करेगी. जनता इनको सबक सिखाने को तैयार है.

सपा प्रमुख जिन्नावादी सोच का कर रहे समर्थन

स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि जिन्ना के प्रति अखिलेश का प्रेम अभी भी अटूट है. जिन्ना के प्रति अखिलेश प्रेम और समर्पण भाव दिखाकर जिन्नावादी सोच का समर्थन कर रहे हैं. तुष्टीकरण की राजनीति के लिए कैसे कोई व्यक्ति महापुरुषों की तुलना जिन्ना से कर सकता है. इस तरह की बातें करना तो सपा नेताओं के संस्कार में हैं.

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स्वतंत्रदेव ने बंटवारे के मंजर का किया जिक्र

जिन्ना की सरदार पटेल से तुलना करने को लेकर स्वतंत्रदेव सिंह ने बंटवारे के समय का जिक्र किया. सिंह ने कहा कि यह बेशर्मी नहीं तो क्या है कि कोई देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार जिन्ना को देश भक्त और स्वतंत्रता सेनानी बताने की कुचेष्ठा कर सकता है. इतिहास तो अखिलेश यादव को पढ़ना चाहिए कि कैसे बंटवारे के समय किस तरह से लाखों हिन्दुओं का रक्तपात किया गया था. कैसे हज़ारों-लाखों हिन्दू एक झटके में दरबदर कर दिये गये थे.

सिर्फ तुष्टीकरण की राजनीति के लिए की तुलना

स्वतंत्रदेव ने इसे तुष्टीकरण की राजनीति बताते हुए कहा कि सिर्फ तुष्टीकरण की राजनीति के लिए कैसे कोई व्यक्ति (अखिलेश यादव) भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसे स्वतंत्रता सेनानी की तुलना जिन्ना से कर सकता है. जिन्ना का गुणगान करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी. इनको सबक सिखाने को जनता तैयार है.

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बता दें कि अखिलेश ने हरदोई की एक सभा में जिन्ना की तुलना महात्मा गांधी, सरदार पटेल और जवाहर लाल नेहरू से कर दी थी. अखिलेश ने कहा था कि सरदार वल्लभ भाई पटेल, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और (मोहम्मद अली) जिन्ना ने एक ही संस्थान से पढ़ाई की और वे बैरिस्टर बने एवं उन्होंने आजादी दिलाई. वो आजादी के संग्राम में पीछे नहीं हटे. इस बयान के बाद आलोचना झेल रहे सपा प्रमुख ने सफाई देने की बजाय कहा कि मैं चाहता हूं कि लोगों को दोबारा किताबें पढ़नी चाहिए. जिसको लेकर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा हुआ है.

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