यूपी में उपभोक्ताओं को लग सकता है झटका, इतने फीसदी बढ़ सकते हैं बिजली के दाम

Smart News Team, Last updated: Sun, 16th May 2021, 5:44 PM IST
कल उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में बिजली कंपनियों के दाखिल उपभोक्ता का रेगुलेटरी सरचार्ज के प्रस्ताव पर आयोग सुनवाई करेगा. आयोग का फैसला कंपनी के पक्ष में जाएगा. तो प्रदेश में लगभग 12 फ़ीसदी बिजली महंगी होने की संभावना है.
यूपी में विद्युत नियामक आयोग कल बिजली कंपनियों के प्रस्ताव पर सुनवाई करेगा. (प्रतीकात्मक चित्र)

लखनऊ : अपने इनकम में बढ़ोतरी करने के लिए बिजली कंपनियों ने रेगुलेटरी सरचार्ज लगाकर बिजली महंगा करके जनता से अधिक पैसा वसूलना चाहती है. इसके लिए बिजली कंपनियों ने एक प्रस्ताव बनाकर उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में दाखिल भी कर दिया है. इस प्रस्ताव पर  नियामक 17 मई सुनवाई करेगा. नियामक की सुनवाई में अगर बिजली कंपनियों के प्रस्ताव पर मंजूरी मिलती है तो राज्य के लोगों को 12 फ़ीसदी महंगे बिजली का भुगतान करना होगा. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि वे लोग कंपनी के इस प्रस्ताव का विरोध करते हैं क्यों कि कंपनियों का उपभोक्ता पर राशि केवल 19537 करोड़ रुपए है. 

जिसके लिए कंपनी को वर्तमान बिजली दर जोड़कर साथ 25 फ़ीसदी या 3 सालों तक 8 प्रतिशत की कमी करने का मांग कर रखा है. जिसके लिए विद्युत नियामक आयोग में एक प्रस्ताव भी दाखिल कर रखा है. दरअसल आज से 2 साल पहले यूपी विद्युत नियामक आयोग ने रेगुलेटरी सरचार्ज को खत्म कर दिया और उदय और टू अप को समायोजन कर दिया था. पर सरकार ने नियामक के इस फैसले पर एक बार और विचार करने को कहा था. इसी आदेश को तर्क बनाते हुए बिजली कंपनियों ने साल 2000 से 2021 तक के टू अप  पूरे ब्याज सहित उपभोक्ता पर 49827 करोड़ रुपए हो रहे हैं.

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अब बिजली कंपनियां मांग कर रही हैं कि इन पैसों की वसूली के लिए जनता पर रेगुलेटरी सरचार्ज लगाया जाए. बिजली कंपनियों के प्रस्ताव को अगर नियामक मान लेता है तो कुल 49827 करोड रुपए के हिसाब से जनता पर 12 फ़ीसदी तक का सरचार्ज लगाए जाने की उम्मीद है. जिससे बिजली का दाम आज के दाम से बहुत महंगी हो जाएगी. अब पूरा मामला नियामक के फैसले के ऊपर टिका हुआ है.

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