इटावा में बिना वैक्सीनेशन नहीं मिलेगी शराब, क्या पूरे UP में लागू होगा ये मॉडल ?

Smart News Team, Last updated: Sun, 30th May 2021, 8:39 PM IST
  • यूपी के इटावा जिले की सैफई तहसील में एसडीएम ने अनूठी पहल शुरू की है. जहां शराब और बीयर दुकानों पर सिर्फ उन्हीं लोगों को शराब मिलेगी जो कोरोना वैक्सीन लगवा चुके हैं और प्रमाण पत्र साथ लाए हैं.
इटावा में बिना वैक्सीनेशन नहीं मिलेगी शराब, क्या पूरे UP में लागू होगा ये मॉडल ?

लखनऊ. यूपी में जहां एक तरफ कोरोना का ग्राफ गिर रहा है वहीं दूसरी तरफ योगी आदित्यनाथ सरकार ने वैक्सीनेशन अभियान तेज कर दिया है. इस बीच उत्तर प्रदेश के आगरा से सटे इटावा जिले में प्रशासन की ओर से अनूठी पहल देखने को मिली है. जहां एसडीएम सैफई ने शराब और बीयर दुकान वालों को कहा है कि किसी भी ऐसे शख्स को शराब न बेची जाए जिन्होंने अभी तक कोरोना टीका नहीं लगवाया है. एसडीएम के आदेश के अनुसार, शराब खरीदने वाले शख्स को पहले वैक्सीन लगवाने का प्रमाण पत्र दिखाना होगा जिसके बाद उसे शराब या बीयर बेची जाएगी.

हालांकि, अभी यह मॉडल सिर्फ इटावा के सैफई तहसील में शुरू किया गया है और यह 45 साल से ज्यादा की उम्र वाले लोगों पर लागू होता है लेकिन ऐसे में सवाल उठते हैं कि क्या यह ठेका मॉडल पूरे यूपी में शुरू किया जा सकता है. क्योंकि सैफई एसडीएम के इस अनूठे प्रयोग के बाद लोग शराब दुकानों पर वैक्सीन का प्रमाण पत्र लेकर खरीदारी करने आ रहे हैं.

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एसडीएम सैफई की हो रही तारीफ

यूपी में लॉकडाउन के दौरान योगी आदित्यनाथ सरकार ने शराब ठेकों के खुलने और बंद होने के फैसले को जिला स्तर पर प्रशासन के हाथ सौंप दिया था. यानी सभी जिलों के डीएम या अन्य जिम्मदेार अधिकारी इस संबंध में अपना फैसला कर सकते हैं. इसी वजह से यूपी के जिलों में शराब की दुकानों का खुलने का समय अलग-अलग भी देखा गया है. ऐसे में इटावा जिले में एसडीएम हेमसिंह की इस पहल ने सबकी नजर उनपर टिका दी है.

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वाकई कहा जा सकता है कि ऐसा पहला फैसला पूरे देश में सामने आया है जहां शराब दुकान पर खरीदारी के लिए भी वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट की जरूरत हो. इटावा में एसडीएम के इस अनूठे प्रयोग की जमकर वाहवाही भी हो रही है. ऐसे में अब एसडीएम सैफई का यह प्रयोग राज्य स्तर तक जाता है या नहीं, इसको लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. लेकिन इटावा का यह मामला जब से चर्चा में आया है, सोशल मीडिया समेत कई जगहों पर लोग इसपर चर्चा कर रहे हैं और इसके फायदे-नुकसान की बात कर रहे हैं.

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