बसपा सुप्रीमो मायावती की केंद्र सरकार से अपील- सभी अस्पतालों में कोरोना वैक्सीन रेट हो एक समान

Smart News Team, Last updated: 23/04/2021 09:58 AM IST
  • बसपा अध्यक्ष मायावती ने ट्वीट करके केंद्र सरकार से अपील की है कि सरकार को राष्ट्रीय नीति बनाकर सभी राज्य सरकार और सभी प्राइवेट हॉस्पिटल में कोरोना वैक्सीन को दामों को एक समान कर देना चाहिए. साथ ही ऑक्सीजन किल्लत को देखते हुए उसे कमर्शियल प्रयोग के लिए बंद कर देना चाहिए.
बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती ने केंद्र सरकार से अपील की.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (BSP) अध्यक्ष मायावती ने केंद्र सरकार से अपील की है कि देश की सभी राज्य सरकारों और प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना वैक्सीन के दाम को एक समान किया जाए. उसके लिए केंद्र सरकार को राष्ट्रीय नीति बनानी चाहिए. साथ ही देशभर के हॉस्पिटल में आक्सीजन की कमी के कारण ऑक्सीजन की औद्योगिक क्षेत्र में सप्लाई पर रोक लगानी चाहिए.

मायावती ने कहा, "देश में कोरोना वैक्सीन का दाम केन्द्र, राज्य सरकार व प्राइवेट अस्पतालों के लिए एक समान न होकर इसकी कीमत अलग-अलग निर्धारित करने के मामले में भारत सरकार को दखल देने की जरूरत. इस सम्बंध में एकस्पता वाली राष्ट्रीय नीति बनाकर उसपर अमल करने की बीएसपी की केन्द्र सरकार से माँग. साथ ही, देश के विभिन्न राज्यों व राजधानी दिल्ली के बड़े अस्पतालों में भी आक्सीजन की कमी के मद्देनजर केन्द्र आक्सीजन के औद्योगिक/कमर्शियल प्रयोग को रोककर इसकी सप्लाई अस्पतालों को सुनिश्चित करे. इमरजेन्सी दवाओं आदि की आपूर्ति की ओर भी विशेष ध्यान देने की केन्द्र से माँग".

सरकार का फैसला, निजी अस्पतालों में 70 फीसदी बेड पर कोविड मरीजों की होगी भर्ती

केविड-19 से बिगड़ते हालात को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीस एसए बोबडे की पीठ ने इसे राष्ट्रीय आपातकाल बताया है. बीते 24 घंटे में देशभर में 3,32,175 कोरोना संक्रमित पाए गये है जिसमें से रात 12 बजे तक 2255 लोगों की मौत हो गई. देश में ऑक्सीजन की किल्लत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑक्सीजन उत्पादन को बढ़ाने और वितरण में तेजी लाने निर्देश दिए है.

राहत! कोरोना मरीज होगें सीधे भर्ती, सीएमओ के रेफरल लेटर की अनिवार्यता समाप्त

ऑक्सीजन एक्सप्रेस इस दिन पहुंचेगी लखनऊ, अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी होगी पूरी

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें