पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन और राम अचल राजभर लखनऊ जिला जेल में शिफ्ट, ये है वजह

Smart News Team, Last updated: 24/01/2021 07:18 PM IST
  • बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह के परिवार की महिलाओं को अपशब्द कहने के मामले में पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन और राम अचल राजभर समेत 10 कैदियों को अस्थायी जेल से जिला जेल में शिफ्ट कर दिया गया है. कोरोना के केस कम होने के चलते पुलिस अधिकारियों ने ये फैसला लिया है.
कोरोना के केस कम होने के चलते नसीमुद्दीन और राम अचल राजभर समेत 10 कैदियों को जिला जेल में शिफ्ट कर दिया गया है.

लखनऊ. बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह के परिवार की महिलाओं को अपशब्द कहने के मामले में अस्थायी जेल में बंद पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन और बसपा के पूर्व अध्यक्ष राम अचल राजभर को जिला जेल में शिफ्ट कर दिया है. कोरोना के केस कम होने के चलते दोनों नेताओं समेत 10 कैदियों को लखनऊ जिला में शिफ्ट किया गया है.

मिली जानकारी के अनुसार, कोई भी कैदी कोरोना से संक्रमित नहीं है इसलिए कैदियों को जिला जेल ही भेजा जाएगा. कोरोना के बढ़ते मामलों और जेल में बंद कैदियों में संक्रमण फैलने की आशंका के चलते 18 अप्रैल 2020 को रात राम स्वरूप इंजीनियरिंग काॅलेज बनाई गई थी. अस्थायी जेल में अब तक करीब सात हजार कैदियों को रखा गया है. उनकी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद ही जिला जेल में शिफ्ट किया गया है.

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भाजपा नेता दयाशंकर सिंह के परिवार की महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी और राम अचल राजभर को भगोड़ा घोषित करते हुए संपत्ति कुर्क करने के आदेश दिए थे. जिसके बाद दोनों नेताओं ने कोर्ट में सरेंडर करते हुए जमानत की अर्जी डाली थी. एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष जज पवन कुमार राय जमानत की अर्जी को खारिज करते हुए जेल भेजने का निर्देश दिया था. जिसके बाद दोनों नेताओं को अस्थायी जेल भेज दिया गया था.

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आपको बता दें कि 2016 में बीजेपी नेता दयाशंकर की मां तेतरी देवी ने हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई थी. दरअसल, बसपा के नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी और राम अचल राजभर के नेतृत्व में बसपा कार्यकर्ताओं ने दयाशंकर सिंह के परिवार की महिलाओं के लिए अपशब्द का इस्तेमाल किया था. एफआईआर में यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती को भी नामजद किया गया था.

 

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