यूपी सरकार ने दी विभिन्न योजनाओं के लिए धनराशि की मंजूरी, जानिए कितना किसे मिला

Smart News Team, Last updated: Tue, 9th Feb 2021, 9:35 AM IST
  • यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के लिए 50 लाख रूपये की आखरी किश्त की मंजूरी दे दी है. सरकार ने सभी जिलों के जिला ग्रामोद्योग अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आवंटित धनराशि केवल उन्हीं उद्यमियों को दें, जो योजना की सभी शर्तें को पूरा करते हो.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ.

लखनऊ: यूपी सरकार ने मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के लिए बची हुई 50 लाख रूपये की आखरी किश्त के खर्च करने की मंजूरी दे दी है. इस पैसे को विभिन्न योजना के तहत स्थापित नई तथा पूर्व इकाइयों के लिए खर्च किया जाएगा. सरकार ने सभी जिलों के जिला ग्रामोद्योग अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आवंटित धनराशि में से खर्च के लिए पैसे केवल उन्हीं उद्यमियों को दें, जो योजना की सभी शर्तें पर खरे उतरते हो. साथ ही सरकार ने कम्बल कारखानों को फिर से चलाने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित धनराशि 108.22 लाख रुपये में से तीसरी किश्त के रूप में 27 लाख रुपये की स्वीकृति भी दी है.

प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के लिए प्राविधानित 11.27 करोड़ रुपये की धनराशि में से 1.87 करोड़ 83 हजार रुपये के रुप में पांचवी किश्त को स्वीकृति दी है. इसके अलावा माटीकला बोर्ड के के अधिष्ठान संबंधी खर्चों के लिए दस लाख रुपये की स्वीकृति भी दी गई है. उ.प्र. खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा वित्त पोषित इकाइयों के लाभार्थियों के व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए प्राविधानित धनराशि के सापेक्ष अवशेष द्वितीय किश्त 25 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं.

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राज्य सरकार ने राष्ट्रीय फसल बीमा योजना के लिए प्राविधानित 450 करोड़ रुपये में से 100 करोड़ रुपये स्वीकृति दी हैं. कृषि विभाग के उप सचिव राधेश्याम ने बताया कि शासन ने इस सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं. निर्देश में सरकार ने सख्त आदेश दिया है कि स्वीकृत की जा रही धनराशि यदि किसी ऐसे खाते में रखी जाती है, जिससे ब्याज अर्जित हो, तो ब्याज की राशि राजकोष में जमा कराई जाएगी. उप सचिव ने बताया कि योजना के तहत स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र पूर्ण विवरण के साथ शासन को उपलब्ध कराया जाए.

लखनऊ: यूपी सरकार ने मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के लिए बची हुई 50 लाख रूपये की आखरी किश्त के खर्च करने की मंजूरी दे दी है. इस पैसे को विभिन्न योजना के तहत स्थापित नई तथा पूर्व इकाइयों के लिए खर्च किया जाएगा. सरकार ने सभी जिलों के जिला ग्रामोद्योग अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आवंटित धनराशि में से पैसे केवल उन्हीं उद्यमियों को दें, जो योजना की सभी शर्तें पर खरे उतरते हो. साथ ही सरकार ने कम्बल कारखानों को फिर से चलाने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित धनराशि 108.22 लाख रुपये में से तीसरी किश्त के रूप में 27 लाख रुपये की स्वीकृति भी दी है.

प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के लिए प्राविधानित 11.27 करोड़ रुपये की धनराशि में से 1.87 करोड़ 83 हजार रुपये के रुप में पांचवी किश्त को स्वीकृति दी है. इसके अलावा माटीकला बोर्ड के के अधिष्ठान संबंधी खर्चों के लिए दस लाख रुपये की स्वीकृति भी दी गई है. उ.प्र. खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा वित्त पोषित इकाइयों के लाभार्थियों के व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए प्राविधानित धनराशि के सापेक्ष अवशेष द्वितीय किश्त 25 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं.

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राज्य सरकार ने राष्ट्रीय फसल बीमा योजना के लिए प्राविधानित 450 करोड़ रुपये में से 100 करोड़ रुपये स्वीकृति दी हैं. कृषि विभाग के उप सचिव राधेश्याम ने बताया कि शासन ने इस सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं. निर्देश में सरकार ने सख्त आदेश दिया है कि स्वीकृत की जा रही धनराशि यदि किसी ऐसे खाते में रखी जाती है, जिससे ब्याज अर्जित हो, तो ब्याज की राशि राजकोष में जमा कराई जाएगी. उप सचिव ने बताया कि योजना के तहत स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र पूर्ण विवरण के साथ शासन को उपलब्ध कराया जाए.|#+|

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