खुशखबरी! अब यूपी के गांव में आसानी से लगेगी फैक्ट्री, ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार

Smart News Team, Last updated: Mon, 28th Dec 2020, 12:15 PM IST
  • उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि भूमि को गैर कृषि भूमि घोषित करने वाले कानून को खत्म कर दिया है. इससे आसानी से गांव में फैक्ट्री स्थापित हो सकेगी और ग्रामीणों को रोजगार मिल सकेगा.
यूपी के गांवों के युवा अब आसानी से अपनी फैक्ट्री स्थापित कर सकेंगे.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि भूमि को गैर कृषि भूमि घोषित करने वाले कानून को खत्म कर दिया है. इस कानून के खत्म होने से यूपी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा. मिली जानकारी के अनुसार, इस कानून के खत्म होने से यूपी के गांवों के युवा अब आसानी से अपनी फैक्ट्री स्थापित कर लोगों को स्थानीय लोगों को रोजगार दे सकेंगे.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कई सालों से लागू इस कानून को खत्म करने की घोषणा 23 दिसंबर को की हैं. अब कृषि भूमि को गैर कृषि भूमि घोषित करने के लिए चाहरदिवारी की अनिवार्यता को योगी सरकार ने खत्म कर दिया है. बताया जा रहा है कि इस कानून के खत्म होने से प्रदेश के औद्योगिकीकरण में तेजी आएगी, जिससे ईज आफ डूइंग बिजनेस में यूपी तेजी से क्रियान्वयन कर सकेगा. साथ ही औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से ग्रामीणों को रोजगार के मौके मिलेंगे.

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यूपी सरकार ने नए साल में एमएसएमई सेक्टर में 20 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य तय किया है. माना जा रहा है कि इस कानून के खत्म होने से सरकार को नए साल में 20 लाख लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लक्ष्य में काफी फायदा मिलेगा.

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बता दें कि प्रदेश में पूर्व की सरकारों ने यूपी राजस्व कानून की धारा-80 की उपधारा (2) में कृषि भूमि को गैर कृषि भूमि घोषित करने के लिए चहारदिवारी की अनिवार्यता बनाए रखी थी. इस कानून के तहत निवेशकों को साढ़े 12 एकड़ से अधिक कृषि जमीन लेने पर चहारदिवारी का निर्माण कराना जरूरी होता था, इसके बाद ही वह इस जमीन का प्रयोग व्यवसायिक गतिविधियों के लिए कर सकते थे. इस प्रक्रिया के बाद कृषि भूमि को भू-उपयोग के लिए बदल दिया जाता था. इस कानून के कारण निवेशकों को ग्रामीण क्षेत्रों में फैक्ट्री स्थापित करने में काफी असुविधा होती थी, इसके चलते वह गांव में अपना उद्यम लगाने में रूचि नहीं ले रहे थे.

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