UP सरकार ने होम आइसोलेशन के लिए बताए उपचार के तरीके, अफवाहों से बचने को कहा

Smart News Team, Last updated: Sun, 11th Apr 2021, 5:05 PM IST
  • सोशल मीडिया पर गैरप्रामणिक उपचार नियम सर्कुलेट हो रहें हैं, इससे लोगों को बचाने के लिए कार्यालय महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उत्तर प्रदेश राज्य सर्विलांस इकाई, उत्तर प्रदेश कोविड19 ने लोगों को भ्रामक उपचारों से बचने की सलाह दी.
लखनऊ में अबतक 50 हजार लोगों होम आइसोलेशन में रहकर कोरोना से जंग जीत ली है

लखनऊ: राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बिच होम आइसोलेशन में मरीजों के प्राथमिक उपचार के लिए सोशल मीडिया पर गैरप्रामणिक उपचार नियम सर्कुलेट हो रहें हैं, इससे लोगों को बचाने के लिए कार्यालय महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उत्तर प्रदेश राज्य सर्विलांस इकाई, उत्तर प्रदेश कोविड19 ने लोगों को भ्रामक उपचारों से बचने की सलाह दी. राज्य सर्विलांस इकाई, उत्तर प्रदेश कोविड19 ने इसका खंडन करते हुए लोगों को सलाह दिया है, की अधिकांश रोगी घर में आइसोलेशन होकर ठीक हो सकते हैं. हम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर होम आइसोलेशन रोगियों के लिए एक मानक उपचार प्रोटोकॉल का प्रसार कर रहे हैं. अयोग ने लोगों से अपील की है की कई अजीब प्रोटोकॉल घूम रहे हैं, कृपया गैर प्रामाणिक प्रोटोकॉल को छोड़ दें और केवल मानक उपचार का पालन करें. लोगों को सलाह देते हुए अयोग ने एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें कहा है कि- 

1- टेबलेट पेरासिटामोल 15mg/किलोग्राम शारीरिक वजन जी 500mg की एक टेबलेट दिन में तीन बार (मरीज का वजन 50 किलोग्राम से अधिक होने पर अगर बुखार 100 डिग्री फारेनहाइट से कम है, बुखार न होने की स्थिती में नहीं दिया जाना है)

अथवा

1- टेबलेट पेरासिटामोल 650mg की एक टेबलेट दिन में तीन बार (मरीज का वजन 50 किलोग्राम से अधिक होने पर अगर बुखार 100 डिग्री फारेनहाइट से अधिक है, बुखार न होने की स्थिती में नहीं दिया जाना है)

2- टेबलेट आइवरमेक्टिन 200 माइक्रोग्राम / किलोग्राम शारीरिक वजन- 12 मिलीग्राम की एक गोली व्यस्क व्यक्तियों हेतु दिन में एकबार रात्रि भोजन के उपरांत लगातार 5 दिन के लिए ( गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं तथा 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए नहीं दिया जाना है)

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अथवा

3- कैंपसुल डोक्सीसाईक्लिन 100mg दिन में दो बार (गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं तथा 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए नहीं दिया जाना है)

4- टेबलेट एज़िथ्रोमायिसिन 10mg प्रति किलोग्राम/ किलोग्राम शारीरिक वजन 500mg व्यस्क व्यक्तिय हेतु दिन में एकबार 5 दिन के लिए (कोविड पॉजिटिव आने के पांचवें दिन के उपरांत डाॅक्सीसाइक्लिन 5 दिन देने के उपरांत भी बुखार जारी रहता है तो दिया जाना है, ऐसी स्थिति में चिकित्सक से परामर्श अनिवार्य है)

5- टेबलेट विटामिन - सी 500mg एक गोली दिन में तीन बार लगातार 10 दिन के लिए,

6- टेबलेट जिंक 50mg एक गोली दिन में दो बार 10 दिन के लिए लगातार.

7- टेबलेट कैप्सूल विटामिन बी कॉम्प्लेक्स 1 टेबलेट/ कैप्सूल दिन में एकबार 10 दिन के लिए

वहीं अयोग ने स्थिती स्पष्ट की है की टेबलेट आइवरमेक्टिन तथा डोक्सीसाईक्लिन का प्रयोग गर्भवती महिलाओं , धात्री महिलाओं तथा 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए नहीं किया जाना है. इन सभी परिस्थितियों में टेबलेट एज़िथ्रोमायिसिन का प्रयोग किया जाए.

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वहीं कोविड अयोग ने डिस्क्लेमर जारी करते हुए कहा की - वर्तमान में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अनेक प्रकार के नॉन स्टेंडर्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल प्रसारित हो रहें हैं, इस स्लाइड का उद्देश्य चिकित्सकों को प्रदेश लक्षण विहीन अथवा कम लक्षण वाले रोगियों हेतु जारी स्टेंडर्ड ट्रीटमेंट से अवगत कराना है.

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