आंदोलन के दौरान तोड़ी सरकारी व निजी सम्पत्ति तो भरना होगा जुर्माना, लागू हुआ विधेयक

Smart News Team, Last updated: 02/03/2021 03:33 PM IST
  • आंदोलन के दौरान सरकारी व निजी सम्पत्ति की रक्षा के लिए यूपी सरकार ने उत्तर प्रदेश लोक एवं निजी संपत्ति विरूपण निवारण विधेयक-2021 पारित किया. इस विधेयक के अनुसार किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन के दौरान किसी भी संस्था को नुकसान पहुंचाने पर जुर्माना वसूला जाएगा.
आंदोलन के दौरान तोड़ी सरकारी व निजी सम्पत्ति तो भरना होगा जुर्माना, लागू हुआ विधेयक

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अब आंदोलनकारियों को निजी व सरकारी संप्पत्ति को नुकसान पहुंचने पर जुर्माना भरना पड़ेगा. वही अगर आंदोलन या किसी भी विरोध प्रदर्शन में सहभागी होते और पुस्टि में पाए जाते है कि अपने कसी भी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाया है तो आपको पांच हजार से लेकर एक लाख रुपए तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है. वही इस विधेयक को सोमवार को विधानसभा में पास किया गया है. जिसे उत्तर प्रदेश लोक एवं निजी संपत्ति विरूपण निवारण विधेयक-2021 नाम दिया गया है. 

वही इस विधेयक के बारे में संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि सरकार की मंशा है कि वह सरकारी और निजी सम्पतियों की इस वधेयक से रखा कर सकेगी. जिसके लिए ही इस विधेयक को लगाया गया है. वही इसके जारी होने के बाद राजनीतिक जुलूसों, प्रदर्शन, हड़ताल, कामबंदी और आंदोलन के दौरान राज्य में सरकारी और निजी सम्पतियों को नुकसान पहुंचाने पर जुर्माना वसूला जाएगा. वही इस नियम के जरिए केंद्र, राज्य सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, स्थानीय निकाय, निगम, राज्य अधिनियम के द्वारा स्थापित संस्थाओं और बसों को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकेगा.

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इस अधिनियम में आंदोलन के दौरान राज्य की सौंदर्य को नष्ट करना, तोड़फोड़ करना, बसों को जलाना या किसी भी तरह की क्षति पहुँचाना अदि सभी को इस श्रेणी में रखा गया है. साथ ही इस विधेयक में निजी सम्पतियों को भी दायरे में रखा गया है. जिससे अगर आदिलकारी निजी सम्पतियों को भी नुकसान नहीं पहुंचाए. जिसके बाद से अब किसी को भी किसी भी विरोध प्रदर्शन और आंदोलन के दौरान सम्पत्ति को नुकसान पते हुए पाया गया तो उससे जुर्माना वसूला जाएगा.

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