मां शाकुंभरी और लोधेश्वर महादेवा समेत 6 मेलों का खर्च उठाएगी UP सरकार, जानें

MRITYUNJAY CHAUDHARY, Last updated: Fri, 19th Nov 2021, 1:24 PM IST
  • उत्तर प्रदेश सरकार ऐतिहासिक सांस्कृतिक धार्मिक एवं पर्यटन की दृस्टि से महत्वपूर्ण मेलों का खर्च स्वयं उठाती है. जिसमें छह मेला और शामिल होने जा रहे है. जिसके लिए सरकार प्रांतीय स्तर पर मेलों प्रस्ताव तैयार करवा रही है. जिसका प्रस्ताव नगर निगम तैयार कर रहा है.
मां शाकुंभरी और लोधेश्वर महादेवा समेत 6 मेलों का खर्च उठाएगी UP सरकार, जानें

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटन की दृस्टि से महत्वपूर्ण मेलों का खर्च प्रांतीय स्तर स्वयं उठाती है. वहीं अब यूपी सरकार बाराबंकी का लोधेश्वर महादेवा मेला और सहारनपुर का मां शाकुंभरी माता मंदिर मेला सहित छह मेलों का खर्च उठाने की तैयारी कर रही है. साथ ही इसके खर्च के लिए सरकार बजट में भी इसकी व्यवस्था करने जा रही है. जिसके लिए सरकार प्रान्तीयकरण कर मेला का खर्च उठाएगी. जिससे मेला सुव्यवस्थित तरीके से सम्पन्न हो.

यूपी सरकार गाजियाबाद के महाकौथिग मेला, सहारनपुर की मां शाकुंभरी माता मंदिर मेला, बाराबंकी का लोधेश्वर महादेवा मेला, बलिया का ददरी मेला, हाथरस का दाऊ जी महाराज मेला और महोबा के गोवर्धन मेला चरखारी मेले का खर्च उठाएगी. जिसके लिए संबंधित जिलाधिकारियों से प्रस्ताव भी मांगा है. वहीं बात करे मां शाकुंभरी की तो यह शक्तिपीठ सहारनपुर के पर्वतीय भाग में स्थित है. यह मंदिर उत्तर भारत में वैष्णो देवी के बाद दूसरा सबसे प्रसिद्ध मंदिर है.

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वहीं लोधेश्वर महादेव मंदिर बाराबंकी में स्थित है. बताया जाता है कि इस मंदिर की स्थापना पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान स्थापना की थी. वहीं शिवरात्रि और सावन के महीने में लाखो श्रद्धालु कांवर लेकर यहां पर जल चढाने के लिए पहुंचते है. वहीं इससे पहले यूपी सरकार मीरजापुर की वि‍ंध्याचल शक्ति पीठ, नैमिषारण्य की मां ललिता देवी व देवीपाटन की पाटेश्वरी शक्ति पीठ मेला का खर्च प्रतीयकरण कर खुद उठाती है.

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