जस्टिस बालकृष्ण नारायण बने UP के मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष, नियुक्ति पत्र जारी

Smart News Team, Last updated: Sat, 5th Jun 2021, 7:28 AM IST
इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बालकृष्ण नारायण को उत्तर प्रदेश का मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष चुना गया है. वे अपने पद पर नियुक्ति की तारीख से लेकर 3 साल तक या फिर 70 साल की उम्र पूरा करने तक यूपी मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद पर बने रह सकते हैं.
जस्टिस बालकृष्ण नारायण. (फाइल फोटो)

लखनऊ : उत्तर प्रदेश शासन ने 4 जून अधिसूचना जारी करते हुए माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के रिटायर्ड न्यायमूर्ति बालकृष्ण नारायण को उत्तर प्रदेश राज्य का मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष नियुक्त किया है. न्यायमूर्ति बालकृष्ण नारायण मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष के कार्यभार ग्रहण करने के दिन से लेकर 3 साल तक या अपनी आयु 70 वर्ष हो जाने तक अपने पद पर बने रह सकते हैं.

रिटायर्ड जस्टिस बालकृष्ण नारायण को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नियुक्ति पत्र जारी किया है. बीते 2 जून को सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अरुण कुमार मिश्रा को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार सौंपा गया था. जस्टिस अरुण मिश्रा साल 2020 के सितंबर के महीने में सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए थे.

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मानवाधिकार आयोग एक स्वायत्त सार्वजनिक संस्था होता है. जो नक्सलवादी, यौन उत्पीड़न और भेदभाव जैसे मुद्दों पर किसी व्यक्ति के दायर की गई याचिका पर सुनवाई करके कार्रवाई कर सकता है. भारत में मानव अधिकार आयोग 28 अक्टूबर 1993 में किया गया था. वहीं उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग का गठन 4 अप्रैल 1996 में किया गया था.

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