जुगाड़ के भरोसे बिजली व्यवस्था: जूतों व बोतल के सहारे जुड़े हैं बिजली के तार...

Somya Sri, Last updated: Mon, 6th Sep 2021, 9:53 AM IST
  • लखनऊ के इंदिरानगर डिवीजन अंतर्गत कल्याणपुर की है. जहां पोल पर चप्पलों से तार जोड़े गए हैं. लोगों के मुताबिक बिजलीकर्मियों ने ही पोल-तारों को अलग करने के लिए टूटे चप्पल बांधे हैं. वही लखनऊ के मलिहाबाद महमूद नगर वाटर पार्क के बीच पेट्रोल पंप के पास बोतल से बिजली के तार को बांधे गए हैं.
जुगाड़ के भरोसे बिजली व्यवस्था: जूतों बोतल के सहारे जुड़े हैं बिजली के तार...

लखनऊ: लखनऊ के इंदिरानगर और गोमतीनगर में बिजली जुगाड़ के भरोसे चल रही है. कहीं चप्पल, तो कहीं जूते, तो कहीं बोतल के सहारे बिजली के तार पोल से लगे हैं. हैरान कर देने वाला वाक्या तो यह है कि यह जुगाड़ किसी आम शख्स ने नहीं की है बल्कि बिजली कर्मियों ने ही पोल-तारों को अलग करने के लिए टूटे चप्पल, बोतल और जूतों का सहारा लिया है.

ताजा मामला लखनऊ के इंदिरानगर डिवीजन अंतर्गत कल्याणपुर की है. जहां पोल पर चप्पलों से तार जोड़े गए हैं. लोगों के मुताबिक बिजलीकर्मियों ने ही पोल-तारों को अलग करने के लिए टूटे चप्पल बांधे हैं. वही लखनऊ के मलिहाबाद महमूद नगर वाटर पार्क के बीच पेट्रोल पंप के पास बोतल से बिजली के तार को बांधे गए हैं. उपभोक्ताओं के मुताबिक क्षेत्र में जुगाड़ के भरोसे बिजली के तार बांधे गए हैं. जबकि मुजासा तिराहे से तहसील रोड के बीच परम शिवालय स्कूल के पास पेड़ को ही बिजली का पोल बना दिया गया है. लोगों के मुताबिक बारिश के दौरान पेड़ों में करंट आ जाता है.

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मालूम हो कि ये हाल तब है जब मध्यांचल निगम की ओर से हर साल लेसा को अनुरक्षण के लिए करीब 100 करोड़ रुपए आवंटित किए जाते हैं. जब इस मामलें में बिजलीकर्मियों से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें बिजली के पोल, इंसुलेटर जैसे सामान नहीं मिलते. इसलिए मजबूरन जूतों चप्पलों के सहारे बिजली जल रही है.

हालांकि मध्यांचल निगम के एमडी सूर्यपाल गंगवार कहते हैं कि, "लखनऊवासियों को स्मार्ट बिजली सप्लाई पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है. यदि किसी इलाके में पानी की बोतल, चप्पल या पेड़ से बिजली के तारों को बांधा गया है तो यह सरासर गलत है. संबंधित अधिशासी अभियंता से रिपोर्ट मांगी गई है."

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