यूपी में पहली बार इस अस्पताल में रोबोटिक होगा किडनी ट्रांसप्लांट, जानें

Smart News Team, Last updated: Mon, 5th Jul 2021, 9:06 PM IST
इस महीने से लखनऊ के पीजीआई में रोबोटिक गुर्दा प्रत्यारोपण शुरू हो जाएगा. जिसकी सभी तैयारियां विभाग ने शुरू कर दी हैं. काम शुरू होने के बाद पीजीआई यूपी का पहला रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट करने वाला पहला संस्थान बन जाएगा. रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट टीम में चार विभागों की टीम गठित कर दी हैं.
यूपी में पहली बार इस अस्पताल में रोबोटिक होगा किडनी ट्रांसप्लांट, जानें

लखनऊ. दुनिया में टेक्नोलॉजी इतनी बढ़ गई है कि आने वाले समय में अस्पतालों में इंसान डॉक्टर की जगह रोबोट इलाज करते नजर आएंगे. बता दें कि लखनऊ के पीजीआई में इस महीने से रोबोट किडनी ट्रांसप्लांट करते दिखेंगे. पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमन ने बताया कि संस्थान प्रशासन ने ऑपरेशन थियेटर से लेकर अन्य सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. प्रत्यारोपण टीम में चार विभागों की टीम गठित की गई है. रोबोट द्वारा किडनी ट्रांसप्लांट का काम जल्द शुरू होने वाला है जिसके बाद पीजीआई यूपी में रोबोट से किडनी ट्रांसप्लांट करने वाला पहला संस्थान बन जाएगा.

नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. नारायण प्रसाद का मानना है कि रोबोटिक प्रत्यारोपण सबके लिए काफी फायदेमंद साबित होने वाला है. यह सामान्य प्रत्यारोपण की तुलना में ज्यादा सटीक और सुरक्षित है. इसमें जोखिम कम है. सामान्य गुर्दा प्रत्यारोपण के दौरान पांच से छह सेमी. का चीरा लगाया जाता है जबकि रोबोट केवल एक से डेढ़ सेमी. का चीरा कर ही किडनी ट्रांसप्लांट कर पाएंगे. हालांकि एक प्रत्यारोपण में चार से छह घण्टे लगते है उतने समय में ही रोबोट भी किडनी ट्रांसप्लांट कर पाएगा. साथ ही उन्होंने बताया कि रोबोट से प्रत्यारोपण में चार लाख रुपये का खर्च आएगा जबकि अभी तीन लाख तक खर्चा आता है. वहीं निजी संस्थानों में 20 लाख रुपये तक खर्च हो जाता है.

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निदेशक डॉ. आरके धीमन ने बताया कि रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट टीम में चार विभागों की टीम गठित की गई हैं. जिनमें यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. अनीश श्रीवास्तव, नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. नारायण प्रसाद के निर्देशन में पैथोलॉजी और एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टर प्रशिक्षण ले चुके हैं. साथ ही उन्होंने बताया कि पीजीआई में साल 2019 में रोबोट आया था जिसमें मई में चार ऑपरेशन हुए. बता दें कि पांच विभाग के मरीजों की रोबोटिक सर्जरी की सुविधा है. इसमें इण्डोक्राइन, कार्डियक, गेस्ट्रो, यूरोलॉजी व कार्डियक थोरेसिक एण्ड वेस्कुलर सर्जरी (सीवीटीएस) के ऑपरेशन हो रहे हैं।

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