21 महिलाओं के पति को बताया मरा, 30 हजार लेने के लिए बना दी विधवा, पढ़ें क्यों

Smart News Team, Last updated: Thu, 22nd Jul 2021, 12:47 PM IST
  • यूपी की राजधानी लखनऊ से राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में घपलेबाजी का मामला सामने आया है. इस घपले में भ्रष्ट अफसर और दलालों ने  सरकारी योजना का लाभ राशि हजम कर गए हैं. इस योजना से जुड़े 21 ऐसे फर्जी लाभार्थी मिले हैं. जिनके पति जिंदा होने के बावजूद इस योजना का पैसा उनके खाते में जमा कराया जा रहा है.
उत्तर प्रदेश सरकार की राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में घपला का मामला. (प्रतीकात्मक चित्र)

लखनऊ : सरकार एक तरफ जहां गरीब और असहाय लोगों की सहायता करने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ देती है. वहीं दूसरी तरफ सिस्टम में बैठे भ्रष्ट अफसर और दलाल उस योजनाओं में सेंधमारी करते हैं. बिल्कुल इसी तरह का कुछ घपले बाजी उत्तर प्रदेश में हुई है. जहां प्रदेश की सरकार के राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में हुआ. सरकार की इस योजना में गरीबी रेखा के नीचे अपना जीवन बिताने वाले परिवार के कमाने वाले सदस्य की अगर 60 साल के पहले मौत हो जाती है तो सरकार उसके पत्नी को तीस हजार रुपए की सहायता राशि देती है. इस 30,000 हजार के राशि पर भी अफसर और दलाल जुगाड़ लगा के चपत कर जा रहे हैं.

हाल में ही ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिसमें महिलाओं को उनके पति के जिंदा होने के बावजूद विधवा बनाकर उनके खाते में 30 हजार डाले जा रहे हैं. जिसके बाद महिलाओं को फर्जी ढंग से भुगतान किया जा रहा है.  लखनऊ में इस तरह के कुल 21 मामले सामने आए हैं जिसमें पति जिंदा होने के बावजूद उनको मरा दिखाया गया है. इन मामले में यह कहा जा रहा है कि लाभ पाने वाली महिलाओं को 30000 में से 10 से 15000 हजार दे कर. बाकी के बचे हुए सारे पैसे फर्जी ढंग से दलाल और भ्रष्टाचारी अफसर कमीशन के तौर पर बांट लिया.

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आपको बता दें कि लखनऊ में वर्ष 2019 और 20 और 2020 और 21 में अब तक 88 लोगों को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है. लखनऊ के 2 इलाकों में पकड़े गए इस तरह के 21 मामला सामने आने पर प्रमुख सचिव समाज कल्याण के रविंद्र नायक इसकी जांच कराने की बात कही है. साथ ही इससे जुड़े जो भी फर्जी केस सामने आएंगे. उनमें से सभी दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. लखनऊ से सामने आए यह मामले पहले नहीं हैं इससे पहले भी गोरखपुर, कानपुर, बलरामपुर, चित्रकूट से भी इस योजना में गड़बड़ी की शिकायत हो चुकी है.

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