UP पंचायत चुनाव: प्रचार में कितना खर्च कर सकते हैं प्रधान, BDC प्रत्याशी, जानें

Smart News Team, Last updated: 08/01/2021 12:56 AM IST
  • चुनाव प्रचार राशि भी निर्धारित नहीं हुई है. लेकिन अधिकारियों का कहना है कि संभवतः इस बार पिछ्ले पंचायत चुनाव 2015 की राशी में कोई परिवर्तन ना हो. जो राशि 2015 के चुनाव के समय निर्धारित हुआ था, वही इस बार भी रहे. 2015 में हुए चुनाव के अनुसार प्रचार में सबसे अधिक खर्चा जिला पंचायत सदस्य कर सकते हैं.
UP पंचायत चुनाव: प्रचार में कितना खर्च कर सकते हैं प्रधान, BDC प्रत्याशी, जानें

लखनऊ: यूपी में पंचायत चुनाव की तैयारियां अपने अंतिम चरण में चल रही है. फाइनल वोटर लिस्ट तैयार करने का काम युद्ध स्तर पर हो रहा है. सीटों के आरक्षण का निर्धारण भी अंतिम दौर में चल रहा है. हालांकि अभी इस बार पंचायत चुनाव के लिए चुनाव प्रचार राशि भी निर्धारित नहीं हुई है. लेकिन अधिकारियों का कहना है कि संभवतः इस बार पिछ्ले पंचायत चुनाव 2015 की राशी में कोई परिवर्तन ना हो. जो राशि 2015 के चुनाव के समय निर्धारित हुआ था, वही इस बार भी रहे. 2015 में हुए चुनाव के अनुसार प्रचार में सबसे अधिक खर्चा जिला पंचायत सदस्य कर सकते हैं. उनके लिए डेढ़ लाख की राशि निर्धारित की गई है. ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने वाले अधिकतम 75 हजार रुपये खर्च कर सकते हैं. वहीं 2015 के चुनाव में ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को दो हजार रुपये जमानत राशि के रूप जमा करना था.

जानिए 2015 में पर्चा दाखिल करने का शुल्क किसके लिए कितना था

 

पद का नाम               नामांकन पत्र का मूल्य     जमानत की धनराशि      अधिकतम व्यय

सदस्य ग्राम पंचायत       150 रुपया                         500 रुपये                  10000 रुपये

ग्राम प्रधान                     300                                   2000                         75000

सदस्य क्षेत्र पंचायत        300                                   2000                          75000

जिला पंचायत सदस्य     500                                   4000                          1.50 लाख

 

नोट : अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग अथवा महिला वर्ग के नामांकन पत्र, जमानत राशि निर्धारित धनराशि से आधी होगी.

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जिला पंचायतों का आरक्षण राज्य मुख्यालय से निर्धारित किया जाएगा

यूपी के पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह के मुताबिक जिला पंचायतों का आरक्षण राज्य मुख्यालय से तय होता रहा है. और इस बार भी ऐसे ही होगा बाकी ग्राम पंचायत व क्षेत्र पंचायत की सीटों का आरक्षण जिला मुख्यालय से ही तय किया जाएगा. बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि इस बारे में शासनादेश जारी किया जाएगा, आरक्षण की प्रक्रिया के लिए अभी समय है. उन्होंने बताया कि 15 मार्च से अप्रैल के पहले सप्ताह के बीच यूपी में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव करवा लिये जाएंगे. पंचायतीराज विभाग इसी समय सीमा के आधार पर अपनी तैयारी कर रहा है. परिसीमन पूरा होने के बाद आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

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चार पदों के लिए एक साथ होंगे चुनाव

इस बार यूपी में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव इस बार एक साथ होंगे. प्रशासन के मुताबिक तैयारियां मार्च और अप्रैल 2021 में चुनाव कराने की हैं. आरक्षित सीटों का ऐलान जल्द ही कर दिया जायेगा. वार्डों का आरक्षण निर्धारण फरवरी के तीसरे सप्ताह तक पूरी कर ली जाएगी. कोविड-19 संक्रमण के चलते प्रदेश में पंचायत चुनाव समय से नहीं हो पाए हैं. ग्राम पंचायतों में 26 दिसंबर से विकास खंडों के सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ पंचायत) को ग्राम पंचायत का प्रशासक नियुक्त कर दिया गया है. जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा होने पर जिलाधिकारी जिला पंचायत का काम देख रहें हैं. और क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष (ब्लाक प्रमुख) का कार्यकाल पूरा होने पर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को ब्लॉक प्रमुख के जगह पर प्रशासक तैनात किया जाएगा.

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