यूपी पंचायत चुनाव: योगी सरकार ने किया इलेक्शन में आरक्षण के प्रावधान में बदलाव

Smart News Team, Last updated: Wed, 10th Feb 2021, 7:47 PM IST
  • पंचायत चुनाव में सीटों पर आरक्षण तय करने के लिए तत्कालीन सपा सरकार के फैसले को भाजपा सरकार ने पलट दिया है. इस संबंध में विभाग द्वारा लाए गए प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी गई है.
यूपी पंचायत चुनाव: योगी सरकार ने किया इलेक्शन में आरक्षण के प्रावधान में बदलाव

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में होने वाले त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव में सीटों पर आरक्षण तय करने के लिए तत्कालीन सपा सरकार के फैसले को भाजपा सरकार ने पलट दिया है. इस संबंध में विभाग द्वारा लाए गए प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी गई है. तत्कालीन सपा सरकार ने 2015 के पंचायती चुनाव में पंचायतीराज नियमावली 1994 में संशोधन कर ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य के पदों के पूर्व में किए आरक्षण को खत्म कर दिया था.

पंचायतीराज नियमावली में वह प्रावधान अभी भी लागू थे जिनके कारण ही चार जिलों में पुराने आरक्षण को खत्म कर नया आरक्षण लागू करना पड़ा था तथा अन्य 71 जिलों में 2015 के चुनाव के अनुक्रम आरक्षण के अगले क्रम का आरक्षण किया जाता. अगर यह प्रावधान अभी तक लागू रहते तो इस बार पंचायत चुनाव में दो आरक्षण लागू होने अराजकता की स्थिति पैदा हो सकती थी. इसलिए मंगलवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिये प्रावधानों को नियमावली से हटाने का फैसला लिया गया. इस बार के आरक्षण का फॉर्मूला सभी 75 जिलों में समान रूप से लागू किया जाएगा.

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंचायतीराज विभाग को निर्देश देते हुए कहा है कि कोई भी पंचायत जातिगत आरक्षण से वंचित नही रहने पाए. ‘हिन्दुस्तान’ को पंचायतीराज विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बार चुनावों में जो आरक्षण फॉर्मूला लागू किया जाएगा, उसके अनुसार अब कोई भी पंचायत जातिगत आरक्षण से वंचित नही रह पाएगी. इस फॉर्मूले के अनुसार प्रदेश के सभी 75 जिलों में पंचायतों के वार्डों के आरक्षण की नीति को लागू किया जाएगा.

 

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