रामजी गौतम की जीत नहीं आसान, अंतिम समय में नामांकन से रोचक हुआ राज्यसभा चुनाव

Smart News Team, Last updated: 27/10/2020 10:11 PM IST
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन बनारस के बिजनेसमैन प्रकाश बजाज ने अंतिम समय में नामांकन कर राज्यसभा चुनावों को रोचक बना दिया. उनका मुकाबला बसपा के राम जी गौतम से होगा.
अंतिम समय में अपने समर्थकों के साथ नामांकन करते प्रकाश बजाज

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव का मुकाबला अब काफी दिलचस्प हो गया है.दरअसल नामांकन के अंतिम समय में बनारस के बिजनेसमैन प्रकाश बजाज ने नामांकन दाखिल कर सबको चौका दिया। इससे पहले बीजेपी के आठ, सपा और बसपा की एक-एक प्रत्याशी के नामांकन से सभी का निर्वाचन निर्विरोध माना जा रहा था. प्रकाश बजाज के मैदान में उतरने से बीएसपी प्रत्याशी रामजी गौतम की राज्यसभा की राह अब आसान नहीं होगी.

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव में नामांकन का मंगलवार को अंतिम दिन था. प्रकाश प्रसाद ने नामांकन का समय खत्म होने से केवल 10 मिनट पहले ही पर्चा दाखिल किया. उनकी तरफ से सपा के 10 विधायकों का समर्थन दिखाया गया. गौरतलब है कि प्रकाश बजाज ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है. अब दसवीं राज्यसभा सीट के लिए प्रकाश बजाज और बसपा प्रत्याशी रामजी गौतम के बीच मुकाबला होगा.

यूपी में राज्यसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी उम्मीवारों ने भरा नामांकन

हालांकि चर्चा यह की जा रही है कि प्रकाश बजाज को समाजवादी पार्टी ने मैदान में उतारा है. लेकिन अभी इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. कुछ लोग प्रकाश बजाज को बीजेपी का डमी कैंडिडेट भी बता रहे हैं.

विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे के अनुसार यदि किसी भी प्रत्याशी के द्वारा नामांकन वापस नहीं लिया गया या किसी प्रत्याशी का पर्चा खारिज नहीं हुआ तो इन 11 प्रत्याशियों के बीच 10 सीटों के लिए 9 नवंबर को चुनाव होगा. जानकारी के अनुसार बीजेपी के पास 304 और सपा के पास 48 विधायक हैं. इस प्रकार बीजेपी और सपा तो अपने प्रत्याशियों को जीत दिलाने में कामयाब होगी. लेकिन बसपा के पास पर्याप्त विधायक नहीं होने के कारण उसके प्रत्याशी रामजी गौतम का मुकाबला प्रकाश बजाज से होगा.

आलू-प्याज के दाम नियंत्रित करने में जुटी योगी सरकार पर प्रियंका ने बोला हमला

इस नए समीकरण पर सपा के आईपी सिंह का कहना है कि बजाज ने नामांकन दाखिल कर भाजपा और बसपा की रणनीति को झटका दिया है. बसपा के पास केवल 18 विधायक हैं. बीजेपी के पास 8 प्रत्याशियों को जिताने के बाद भी वोट बच रहे थे. इसके अलावा उसे कई निर्दलीय और छोटी पार्टियों का भी समर्थन था. प्रकाश बजाज के मैदान में आने से पहले बसपा अपने प्रत्याशी की जीत निश्चित मान रही थी.

राज्यसभा सीट के लिए 36 विधायकों के समर्थन पर प्रथम वरीयता का वोट चाहिए. इस प्रकार भाजपा को 8 सीट जीतने के लिए 288 विधायकों का समर्थन चाहिए. अभी भाजपा के पास 306 विधायक हैं. इस प्रकार उसके पास 18 विधायकों के वोट अतिरिक्त है. इसके अलावा सपा के पास 48 विधायक हैं जिसमें से रामगोपाल यादव की जीतने के बाद 12 वोट अतिरिक्त बचेंगे.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें