यूपी में शिक्षकों की सैलरी और प्रमोशन परफॉर्मेंस के आधार पर तय, विभाग ने बदले नियम

Smart News Team, Last updated: Sun, 31st Jan 2021, 12:59 PM IST
  • उत्तर प्रदेश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षकों की वेतनवृद्धि और प्रमोशन अब उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा. शैक्षिणक सत्र 2022-23 से यह नया नियम लागू होगा. 
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत यूपी में शिक्षकों की वेतनवृद्धि और प्रमोशन अब उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा.

लखनऊ. यूपी में शिक्षकों की वेतनवृद्धि और प्रमोशन अब उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा. नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत यह फैसला लिया गया है. इसके अलावा शिक्षकों को आईआईएम, आईआईटी, बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रशिक्षण मिलेगा. शैक्षिणक सत्र 2022-23 से यह नया नियम लागू कर दिया जाएगा. इसके तहत 100 स्कूल प्रधानाध्यापाकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. हर वर्ष शिक्षकों को 50 घण्टे का प्रशिक्षण मिलेगा.  ये शिक्षक मास्टर रिसोर्स पर्सन के रूप में काम करेंगे. क्लास 9 से 12 तक व्यावसायिक ट्रेड की पढ़ाई जरूरी कर दी जाएगी.

ओडीओपी से जुड़े उत्पाद से संबंधित कौशल की पढ़ाई स्कूल में कराई जाएगी. क्लास 9-10 में दो और क्लास 11-12 में एक व्यावसायिक ट्रेड पढ़ाना अनिवार्य कर दिया जाएगा. सत्र 2022-2023 से इसकी पढ़ाई कराई जाएगी. साल 2024-25 तक 50 फीसदी छात्रों को यह व्यावसायिक शिक्षा दी जाएगी. बताया जा रहा है कि पहले चरण में राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में इसे लागू किया जाएगा. 

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हर सत्र में दो से तीन बार छात्रों की कॅरिअर काउंसिलिंग की जाएगी, जिससे प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें उनकी रुचि व कौशल क्षमता के आधार पर ट्रेड का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस कोर्स में क्षेत्रीय रोजगार संस्थाओं और पीपीपी के आधार पर संस्थाओं से अनुबंध किया जाएगा. इस पाठ्यक्रम को सत्र 2022-23 से लागू किया जाएगा. 

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