UP में घर के लिए 2 और दुकान का 6 महीने का एडवांस किराया देना होगा, जानें डिटेल्स

Smart News Team, Last updated: Sun, 10th Jan 2021, 4:32 PM IST
  • किराया प्राधिकरण में (एडीएम) स्तर का अफसर किराया प्राधिकारी नियुक्त होगा. किराया अधिकरण में जिला जज स्वयं अध्यक्ष होंगे या फिर अपर जिला न्यायाधीश को नामित किया जाएगा. मकान मालिक साल में एक बार किराए में बढ़ोतरी कर सकेगा. किराए में आवासीय पर (5%) और गैर आवासीय पर (7%) तक बढ़ोतरी हो सकेगा.
UP में घर के लिए 2 और दुकान का 6 महीने का एडवांस किराया देना होगा, जानें डिटेल्स

लखनऊ: गजट जारी होते ही किराएदारी कानून उत्तर प्रदेश में लागू हो जाएगा. क्योंकी उत्तर प्रदेश की राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किराएदारी विनियमन अध्यादेश-2021 को मंजूरी दे दी है. इसके प्रभाव में आते ही मकान मालिक और किराएदार की मनमर्जी पर रोक लग जाएगी. किराएदार को शर्तों के आधार पर ही रहना होगा. मकान मालिक आवासीय (मकान) परिसर का दो महीने और गैर आवासीय (जैसे दुकान) परिसर का छह माह का एडवांस लेगा. इसे धरोहर धनराशि के रूप में रखा जाएगा.

उत्तर प्रदेश के हर जिले में किराया प्राधिकरण और किराया अधिकरण गठित किया जाएगा. किराया प्राधिकरण में (ADM) स्तर का अफसर किराया प्राधिकारी नियुक्त होगा. किराया अधिकरण में जिला जज स्वयं अध्यक्ष होंगे या फिर अपर जिला न्यायाधीश को नामित किया जाएगा. मकान मालिक साल में एक बार किराए में बढ़ोतरी कर सकेगा. किराए में अधिकतम, आवासीय पर (5%) पांच प्रतिशत और गैर आवासीय (जैसे दुकान) परिसर पर (7%) सात प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकेगा. किराया बढ़ाने से पहले मकान मालिक को किराएदार को एक माह पहले नोटिस देना होगा. मकान मालिक और किराएदार को करार (एग्रीमेंट) समाप्त होने से एक माह पहले प्राधिकरण को बताना होगा.

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मकान मालिक ने अगर अकेले प्राधिकरण को करार खत्म होने की जानकारी दी है, और किराएदार ने जानकारी नहीं दी है, तो मकान मालिक किराएदार को बेदखली का आवेदन दे सकेगा. मकान मालिक को संपत्ति प्रबंधन (संपत्ति की देखभाल) के संबंध में किराएदार से शर्तों पर करार करने की छूट होगी और इसका पालन किराएदार को करना होगा. किराएदार को किराए पर रहने के लिए नवीकरण या विस्तार (घर या मकान में आपने हिसाब से बदलाव) कराने का अधिकार होगा. मकान मालिक से वो इस संबंध में आग्रह कर सकेगा. मकान मालिक को इसके आधार पर एक नया करार करना होगा.

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किराएदर किराया नगद, चेक, बैंक ड्राफ्ट, पोस्टल मनी ऑडर से भी दे सकेगा. किराएदार को किराए का घर या परिसर को ठीक से रखना होगा. टूट-फूट होने पर उसे मरम्मत कराना होगा. अगर नहीं कराता है तो मकान मालिक कराएगा और एडवांस में जमा राशि से इसे काट लेगा.

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