यूपी में हेल्थ समेत कई विभाग बना रहे मोबाइल ऐप, घर बैठे मिलेंगी सरकारी सुविधाएं

Smart News Team, Last updated: 01/03/2021 06:15 PM IST
  • उत्तर प्रदेश में ईज ऑफ लिविंग कार्य योजना के तहत कई सरकारी विभाग अपने मोबाइल ऐप बना रहे हैं. जिससे इन विभागों की सभी सेवाएं जनता तक आसानी से पहुंच सकें.
सरकारी विभाग लोगों की सुविधाओं के लिए ऐसे ऐप्स बना रहे हैं जिनकी मदद से घर बैठे सुविधाएं ली जा सकेंगी.

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में अब लोगों को घर बैठे ही सरकारी सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा. इसके लिए 'ईज ऑफ लिविंग' कार्य योजना के तहत कई सरकारी विभाग अपने मोबाइल एप को विकसित करने में लगे हुए है. जिससे अपनी तमाम सेवाओं को जनता तक आसानी से पहुंचा सके. सरकारी विभागों के एप बनाने से गड़बड़ियों की कम संभावनाएं होंगी. इसके साथ ही काम में पारदर्शिता भी बनी रहेगी. इन एप के माध्यम से जनता का काम जल्द व आसानी से होगा. इसके साथ ही उन्हें बेवजह सरकारी दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने होंगे.

इस योजना के तहत सरकारी अस्पतालों के लिए 'मेरा अस्पताल' मोबाइल एप बनाया गया है. जिसमें सभी मंडलीय एवं तीन सौ से अधिक शैय्यायुक्त सरकारी अस्पतालों में मरीजों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होगा. इसके अलावा मरीजों से मुलाकात के लिए टोकन सिस्टम लागू होगा. इसके लिए तैयारी करने में एवं प्रशिक्षण में कुछ महीने का समय लग सकता है. यह सुविधा ई-हॉस्पिटल के जरिए अभी सिर्फ 31 अस्पतालों में चल रही है. 

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इसके अलावा श्रम विभाग ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम बना रहा है. यह ट्रैकिंग सिस्टम बाल एवं बंधुआ श्रमिकों के पुनर्वासन के लिए होगा. इसके माध्यम से मुक्त कराए गए बाल श्रमिकों को स्कूलों से जोड़ा जाएगा. इसके अलावा जिन बंधुआ श्रमिकों को मुक्त कराया गया है वो दोबारा बंधुआ की स्थिति में न आए, इसका ध्यान भी इस ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से रखा जाएगा. 

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इन एप के अलावा और भी कई एप पर काम हो रहा है जिनमें पीड़ित दलित परिवारों की मदद करने के लिए पोर्टल तैयार किया जा रहा है. इसके साथ ही जमीन की पैमाइश ऑनलाइन माध्यम से करने के लिए भी एप बनाया जा रहा है. इसके अलावा लेबर सेस ऑनलाइन जमा कराने की व्यवस्था upbocw.in वेबसाइट पर लागू होगी. 

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