CM योगी का दावा- यूपी में युवाओं को चार साल में मिली 4 लाख सरकारी नौकरी

Smart News Team, Last updated: Sun, 6th Jun 2021, 5:03 PM IST
  • यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मिशन रोजगार के तहत सरकार ने पिछले 4 साल में युवाओं को 4 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दिलाई. यह कार्य निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से पूरा किया जा रहा है. उनका लक्ष्य था कि मिशन रोजगार के तहत अधिक से अधिक युवाओं को नौकरी व स्वरोजगार से जोड़ा.
CM योगी का मिशन रोजगार. फोटो साभार-हिन्दुस्तान टाइम्स

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मिशन रोजगार के तहत प्रदेश सरकार ने पिछले 4 साल में युवाओं को 4 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां देने का रिकॉर्ड बनाया है. योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को सरकारी व निजी नौकरियां देने के साथ स्‍वरोजगार से जोड़ने में भी अव्‍वल साबित हुई है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान, मजदूर, महिलाओं, नौजवान लोगों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी मेहनत के साथ काम कर रही है. उनका लक्ष्य मिशन रोजगार के तहत अधिक से अधिक युवाओं को नौकरी व स्वरोजगार से जोड़ने का है.

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने मिशन रोजगार के आंकड़ों पर कहा कि कोरोनाकाल के दौरान 16 अक्टूबर, 2020 को बेसिक शिक्षा परिषद के 31,277 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र दिए गए. इसके बाद राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के 3,317 सहायक अध्यापकों को ऑनलाइन नियुक्ति पत्र/पदस्थापन आदेश निर्गत किए गए. सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के 1,438 नवचयनित अवर अभियंताओं को नियुक्ति एवं पदस्थापन पत्र भी वितरित किए गए. परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के लगभग 37,000 नवचयनित सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए. सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के 3,209 नवचयनित नलकूप चालकों को नियुक्ति एवं पदस्थापन पत्र का वितरण किया गया.

CM योगी का फैसला- प्रशासनिक कार्यों से मुक्त होंगे इन अस्पतालों के डॉक्टर

राज्य सरकार का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भी सरकार ने युवाओं को रोजगार उपलब्‍ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. जहां पूरा देश कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा है वहां उत्तर प्रदेश में मिशन रोजगार के अंतर्गत विभिन्न विभागों, संस्थाओं एवं निगमों आदि के माध्यम से प्रदेश के लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं और यह कार्य निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से पूरा किया जा रहा है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें