यूपी बोर्ड परीक्षा साल में एक बार करने पर होगा विचार, नई शिक्षा नीति पर हुई बैठक

Smart News Team, Last updated: Thu, 5th Aug 2021, 8:42 AM IST
  • यूपी बोर्ड की परीक्षा साल में एक बार करने और इम्प्रूवमेंट के लिए अगले साल की बोर्ड परीक्षा में मौका देने पर विचार किया जाएगा. उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के क्रियान्यवयन के लिए छठवीं बैठक हुई. जिसमें कि कई बिन्दुओं पर मंथन किया गया.
यूपी बोर्ड मनाने जा रहा है अपनी स्थापना का शताब्दी वर्ष

लखनऊ, पकंज विजय. यूपी बोर्ड की परीक्षा साल में एक बार करने और इम्प्रूवमेंट के लिए अगले साल की बोर्ड परीक्षा में मौका देने पर विचार किया जाएगा. कम्पोजिट स्कूल के लिए बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा. उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के क्रियान्यवयन के लिए छठवीं बैठक हुई. जिसमें कि कई बिन्दुओं पर बात की गई. बैठक में 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृ दिवस के रूप में मनाने के निर्णय लिया गया है. 

उपमुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने निर्देश दिया कि एनईपी पर विचार करने के लिए जिला स्तर पर विभिन्न विभागों की एक समिति का गठन किया जाए. इस समिति के सदस्य सचिव क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी या डीआईओएस होंगे. उन्होंने आगे बताया कि उच्च शिक्षा, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग के बीच एमओयू हस्ताक्षरित किया गया है. जिससे कि विश्वविद्यालय की रिसर्च औद्योगिक क्षेत्र के लिए उपयोगी साबित होगा. अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा अराधना शुक्ला ने बताया कि पाठयक्रम में सुधार और बेहतर व्यवस्था आदि समेत कई काम चल रहे हैं. 

बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा मोनिका एस गर्ग, अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार, पूर्व निदेशक कृष्ण मोहन त्रिपाठी, पूर्व अध्यक्ष सीबीएसई अशोक गांगुली, लखनऊ विवि में प्रोफेसर अरविंद मोहन, डा निशि पांडे और विशेष सचिव उच्च शिक्षा अब्दुल समद मौजूद रहे.

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