यूपी: 'मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम' होगा अयोध्या में बनने जा रहे एयरपोर्ट का नाम

Smart News Team, Last updated: Wed, 9th Sep 2020, 4:01 PM IST
  • मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के नाम पर अयोध्या एयरपोर्ट का नाम रखा जाएगा. यह अगले साल दिसंबर में बनकर तैयार होगा. गौरतलब है कि राम मंदिर के निर्माण के बाद यहां पर पर्यटक और श्रद्धालु की संख्या काफी बढ़ जाएगी इसलिए इस एयरपोर्ट के विस्तार के साथ इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा.
अयोध्या एयरपोर्ट का नाम मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम होगा.

लखनऊ. भगवान श्री राम की जन्म स्थली अयोध्या में बनने जा रहे नवनिर्मित एयरपोर्ट का नाम 'मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम' होगा. इस एयरपोर्ट का निर्माण दिसंबर 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा. आपको बता दें कि यह उत्तर प्रदेश का पांचवा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा.

लखनऊ का चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डा और वाराणसी का लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं जबकि भगवान बुद्ध की निर्माण स्थली कुशीनगर और जेवर में निर्माणाधीन एयरपोर्ट को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप ही बनाया जा रहा है. कुशीनगर का एयरपोर्ट नवंबर 2020 तक बनकर तैयार हो जाएगा. यहां सिर्फ पहली उड़ान श्रीलंका के कोलंबो के लिए होगी.

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गौरतलब है कि राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी. ऐसे में राज्य सरकार ने एयरपोर्ट के विस्तार की योजना बनाई है. अप्रैल 2017 तक अयोध्या एयरपोर्ट के विकास दो चरणों में करने की योजना बनाई गई थी.

इस योजना के तहत टेक्नो इकोनामिक सर्वे में पहले चरण में एटीआर- 72 विमानों के लिए विकसित किया जाना था. इसमें रनवे की लंबाई 1680 मीटर रखी जानी थी. इसके अलावा दूसरे चरण में ए-321, 200 सीटर विमानों के संचालन के लिए एयरपोर्ट को विकसित होना था. इसमें रनवे की लंबाई 23 मीटर प्रस्तावित थी.

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लेकिन बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस रिपोर्ट को बोइंग 777 विमानों के योग्य बनाने साथ ही उसका नाम बदलने की घोषणा भी की . इसके बाद भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने मई 2019 में सर्वे करने के बाद एक संशोधित रिपोर्ट को प्रस्तुत किया था.

इस रिपोर्ट के अनुसार पहले चरण में ए-321 विमानों के संचालन के लिए 463.10 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी. इसके अलावा इसमें रनवे की लंबाई 3125 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर चाहिए होगी. साथ ही दूसरे चरण में बाइंग- 777 जैसे बड़े विमानों के संचालन के लिए 122.86 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी. इसमें रनवे की लंबाई के लिए 3,750 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर की आवश्यकता होगी.

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अलावा यहां एयरपोर्ट के संचालन और सुरक्षा से जुड़े कर्मचारियों के आवास की सुविधा के लिए आसपास 15 एकड़ भूमि की आवश्यकता बताई गई थी. इस प्रकार एयरपोर्ट के लिए कुल 600 एकड़ जमीन की जरूरत होगी.

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