लखनऊ: KGMU को मिली बड़ी कामयाबी, 15 करोड़ की लागत से आएगी MRI मशीन

Komal Sultaniya, Last updated: Sat, 26th Feb 2022, 4:27 PM IST
  • लखनऊ केजीएमयू को 20 साल के प्रयास के बाद बड़ी कामयाबी मिली है. जल्द ही 15 करोड़ की लागत से एमआरआई की आधुनिक मशीन लगाई जाएगी. शासन ने केजीएमयू के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है इसके साथ ही 3 टेस्ला एमआरआई की मशीन लगाने का रास्ता साफ हो गया है.
लखनऊ KGMU में 15 करोड़ की लागत से आएगी MRI मशीन

लखनऊ. लखनऊ केजीएमयू को 20 साल के प्रयास के बाद बड़ी कामयाबी मिली है. केजीएमयू के कुलपति ले. जनरल बिपिन पुरी ने गरीब मरीजों को मुफ्त MRI की सुविधा देने के लिए शासन व राज्यपाल से नई एमआरआइ मशीन मांग की थी जिससे मरीजों की मुश्किलें काफी आसान हो जाएंगी. अब जल्द ही 15 करोड़ की लागत से एमआरआई की आधुनिक मशीन लगाई जाएगी. शासन ने केजीएमयू के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही 3 टेस्ला एमआरआई की मशीन लगाने का रास्ता साफ हो गया है. इससे किसी भी मरीजों को पैसों के अभाव में जांच से मेहरूम नहीं होना पड़ेगा.

केजीएमयू कुलपति डॉ बिपिन पुरी ने बताया कि रेडियोडायग्नोसिस विभाग की तरफ से शताब्दी फेस-1 में मशीन स्थापित की जाएगी. करीब 15 करोड रूपये की लागत से मशीन लगाई जाएगी.

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रेडियोडायग्नोसिस विभाग के अध्यक्ष डॉ नीरा कोहली ने बताया कि यह मशीन बेहद खास होगी. जिससे बीमारी की पहचान आसान होगी. सिर व शरीर के दूसरे किसी भी अंग में छोटे से ट्यूमर का पता आसानी से लगाया जा सकेगा. सटीक जांच से बीमारी का इलाज भी आसान होगा. उन्होंने बताया कि कम समय में अच्छे नतीजे देखने को मिलेंगे. यह मशीन चिकित्सा शिक्षा, शोध व इलाज में लाभकारी होगी.

लखनऊ. लखनऊ केजीएमयू को 20 साल के प्रयास के बाद बड़ी कामयाबी मिली है. केजीएमयू के कुलपति ले. जनरल बिपिन पुरी ने गरीब मरीजों को मुफ्त MRI की सुविधा देने के लिए शासन व राज्यपाल से नई एमआरआइ मशीन मांग की थी जिससे मरीजों की मुश्किलें काफी आसान हो जाएंगी. अब जल्द ही 15 करोड़ की लागत से एमआरआई की आधुनिक मशीन लगाई जाएगी. शासन ने केजीएमयू के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही 3 टेस्ला एमआरआई की मशीन लगाने का रास्ता साफ हो गया है. इससे किसी भी मरीजों को पैसों के अभाव में जांच से मेहरूम नहीं होना पड़ेगा.

केजीएमयू कुलपति डॉ बिपिन पुरी ने बताया कि रेडियोडायग्नोसिस विभाग की तरफ से शताब्दी फेस-1 में मशीन स्थापित की जाएगी. करीब 15 करोड रूपये की लागत से मशीन लगाई जाएगी.

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रेडियोडायग्नोसिस विभाग के अध्यक्ष डॉ नीरा कोहली ने बताया कि यह मशीन बेहद खास होगी. जिससे बीमारी की पहचान आसान होगी. सिर व शरीर के दूसरे किसी भी अंग में छोटे से ट्यूमर का पता आसानी से लगाया जा सकेगा. सटीक जांच से बीमारी का इलाज भी आसान होगा. उन्होंने बताया कि कम समय में अच्छे नतीजे देखने को मिलेंगे. यह मशीन चिकित्सा शिक्षा, शोध व इलाज में लाभकारी होगी.

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