यूपी में मेडिकल की पढ़ाई महंगी, अब डॉक्टर बनने के लिए देने होंगे इतने लाख रुपये

Anurag Gupta1, Last updated: Sun, 19th Dec 2021, 9:54 AM IST
  • यूपी में चिकित्सा शिक्षा की फीस महंगी हो गयी है. खासतौर पर निजी कॉलेज में पढ़ने वालों छात्रों के माता पिता के जेब पर असर पड़ेगा. 40 हजार से एक लाख तक कि वृद्धि की गई है. राज्यपाल की संस्तुति के बाद फीस में वृद्धि करके आदेश जारी कर दिया गया है.
मेडिकल कॉलेज के छात्र (फाइल फोटो)

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा (Medical Education) की फीस में बढ़ोत्तरी की गई है. फीस की बढ़ोत्तरी खास तौर पर निजी कॉलेजों (Private College) में की गई है. यदि निजी कॉलेज में अभिभावक अपने बच्चे को शिक्षा देना चाहते हैं तो उन्हें अपनी जेब ढीली करनी होगी. नई फीस 40 हजार से लेकर एक लाख तक की बढ़ी है. राज्यपाल की संस्तुति के बाद फीस में वृद्धि करके आदेश जारी कर दिया गया है.

प्रदेश में 31 मेडिकल कॉलेज:

बता दें उत्तर प्रदेश में 31 मेडिकल कॉलेजो में कुल 4159 एमबीबीएस की सीटें हैं. जिसमें 29 निजी और चार अल्पसंख्यक मेडिकल कॉलेज हैं. 25 निजी कॉलेजों में 3828 सीटें हैं जिनमें फीस वृद्धि का फैसला प्रबंधक करते हैं. बाकी की फीस वृद्धि फैसला सरकार तय करती हैं. अभी हाल में ही 12 सितंबर को हुई नीट परीक्षा हुई थी. जिसका परिणाम तो जारी किया जा चुका है लेकिन मामला कोर्ट में विचारधीन होने की वजह से काउंसिलिंग अटकी है.

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एक लाख तक की फीस में हुई वृद्धि:

मेडिकल की नीट परीक्षा का मामला कोर्ट में होने के बावजूद मेडिकल के शैक्षिक सत्र 2021-22 में दाखिले की तैयारियां का खाका तैयार किया जा रहा है. इसे लेकर दाखिले से लेकर शिक्षा शुल्क की नई दरें भी तैयार कर ली गई हैं. नई दरों में एमबीबीएस की एक साल की फीस 40 हजार से लेकर एक लाख तक बढ़ाई गई है. फीस बढ़ोतरी को लेकर प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक, वित्त अधिकारी की कमेटी बनाई गई थी. बता दें फिलहाल कमेटी ने एक साल की फीस की नई दर तय की हैं.

वसूली करने वालों पर कसेगा शिकंजा:

चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों बताया कि अधिक फीस ऐंठने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा. जो कॉलेज अभिभावकों से ज्यादा वसूली करते है उन पर शिकंजा कस कर कठोर कार्रवाई की जाएगी. फीस वसूली से पीड़ित छात्र व अभिभावक चिकित्सा शिक्षा विभाग महानिदेशालय या फिर विभागीय वेबसाइट पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. जिसके बाद वसूली करने वाले कॉलेजों पर कार्रवाई की जाएगी.

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