दुबई की जमीन बेचने का दावा, 59 करोड़ की ठगी, 9 अरेस्ट, मास्टर माइंड फरार

Smart News Team, Last updated: 16/09/2020 10:21 AM IST
  • लखनऊ पुलिस ने मंगलवार को 9 ठगों को गिरफ्तार किया है वह लोगों को दुबई के बुर्ज खलीफा में जमीन बेचने का दावा करके फंसाते थे. 111 लोगों की शिकायत के बाद पुलिस ने आलस्का कंपनी के निदेशकों को गिरफ्तार किया है लेकिन मास्टर मांइड समेत 6 लोग अभी फरार हैं.
दुबई के बुर्ज खलीफा में जमीन खरीदने का लालच देकर ठगे 59 करोड़ रुपए.

लखनऊ. लखनऊ की गोसाईंगंज पुलिस ने मंगलवार को 9 ठगों को गिरफ्तार किया है जो दुबई में जमीन खरीदने का झांसा देते थे. 59 करोड़ हड़पने वाली आलस्का कंपनी के जालसाजों को पुलिस ने 111 लोगों की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया है. ठग कंपनी के मास्टरमांइड समेत छह लोग फरार हैं. पुलिस फरार लोगों की तलाश में जुटी है. लखनऊ दक्षिणी डीसीपी रईस अख्तर के मुताबिक साल 2018 में आलस्का रियल एस्टेट के नाम से हरिओम यादव ने दफ्तर खोला था. उसका दावा था कि वह बुर्ज खलीफा में जमीन की खरीद-फरोख्त करता है. वहीं उसकी कंपनी से जुड़ने वाले निवेशकों को हर महीने पांच पर्सेंट की दर से मुनाफा दिया जाता है.

लखनऊ में हरिओम ने एजेंटों के माध्यम से इस स्कीम का प्रचार किया था. कम समय में ज्यादा मुनाफे के लालच में रिटायर सैनिक महेश यादव समेत सैंकड़ों लोग इस जाल में फंस गए थे.

इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुशवाहा ने बताया कि दो साल में सैंकड़ों लोगों ने हरिओम की स्कीम में निवेश किया. अभी तक 59 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है. 28 जुलाई को महेश यादव ने अलास्का कंपनी के निदेशकों के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज कराया था. जांच के दौरान हरिओम की कंपनी से जुड़े सुभाष चंद्र यादव, ललित वर्मा, सुरेंद्र यादव, नंदकिशोर, गजल यादव, आशीष वर्मा समेत 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. 

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हरिओम यादव ने लोगों को फंसाने के लिए शातिर ढंग से जाल बुना था. अमेठी के निवासी मेराज मोटर मैकेनिक हैं उन्हें भी अलास्का कंपनी के बारे में पता चला तो मुनाफा कमाने के लालच में उन्होनें भी पांच लाख रुपए लगा दिए थे. हरिओम उसे 25 हजार रुपए देता ता. वहीं दूसरे का पैसा लगवाने पर दो हजार रुपए का कमीशन मिलता था. इस कारण सैंकड़ों लोगों इस ठगी के जाल में फंस गए. 

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15 मार्च 2019 को कृष्णानगर पुलिस ने देवेश और नैमिष श्रीवास्तव को पांच करोड़ रुपए के साथ अरेस्ट किया था. देवेश ने पुलिस को बताया कि वह यह रकम गोसाईंगंज निवासी हरिओम यादव की है. हरिओम के जेल जाने के बाद भी उसके साथियों ने निवेशकों से पैसे लिए. हरिओम को जमानत मिलते ही वह दफ्तर बंद करके फरार हो गए. पुलिस उसे काफी समय से तलाश रही है. 

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