लखनऊ में रिटायर्ड मुख्य प्रबंधक की गला रेतकर हत्या, आखिरी सांस तक लुटेरों से लड़े

Sumit Rajak, Last updated: Fri, 18th Feb 2022, 10:10 AM IST
  • यूपी की राजधानी लखनऊ के मड़ियांव में पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर बड़ी वारदात हुई है. गुरुवार की देर शाम को बदमाश एक घर में लूटपाट की वारदात को अंजाम देने के लिए घुस गए. एसबीआई के रिटायर मुख्य प्रबंधक 74 वर्षिय ललित मोहन पांडेय ने बदमाशों द्वारा लूट का विरोध किया तो बदमाशों ने धारदार हथियार से ललित मोहन पांडेय को मौत के घाट उतार दिया. घर के अंदर रखा कीमती सामान और नकदी बदमाश लूटकर ले गए.
एसबीआई के रिटायर मुख्य प्रबंधक ललित मोहन पांडेय

लखनऊ. यूपी की राजधानी लखनऊ के मड़ियांव में पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर बड़ी वारदात हुई है. गुरुवार की देर शाम को बदमाश एक घर में लूटपाट की वारदात को अंजाम देने के लिए घुस गए. एसबीआई के रिटायर मुख्य प्रबंधक 74 वर्षिय ललित मोहन पांडेय ने बदमाशों द्वारा लूट का विरोध किया तो बदमाशों ने धारदार हथियार से ललित मोहन पांडेय को मौत के घाट उतार दिया. अंदर रखे कीमती सामान व नकदी लूट ले गये. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. वहीं आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है.

एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह ने कहा कि मड़ियांव के एसबीआई कालोनी में ललित मोहन पांडेय परिवार के साथ रहते हैं. ललित मोहन भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक के पद से 2007 में सेवानिवृत्त हुए. परिवार में पत्नी प्रीति पांडेय, बेटा नमित पांडेय और बेटी मालविका पांडेय उर्फ मौली है. बेटा पुणे में नौकरी करता है. वहीं बेटी मालविका शादी के बाद लंदन में परिवार सहित रहती है. लखनऊ के मड़ियांव स्थित मकान में ललित मोहन व उनकी पत्नी प्रीति ही रहते हैं. रोज की तरह ललित की पत्नी प्रीती चार बजे के करीब टहलने व सब्जी खरीदने के लिए निकली थी. घर में ललित मोहन अकेले थे. करीब डेढ़ घंटे बाद वह घर वापस लौटीं. दरवाजा खोलकर अंदर दाखिल हुई तो अंदर पोर्टिको से लेकर कमरे तक खून फैला हुआ था. जिसे देख प्रीति डर गई. वह पति को आवाज लगाते हुए कमरे की तरफ गई. इसके बाद वह किचन की तरफ गई तो वहां पर खून से लथपथ ललित का शव पड़ा था. बुजुर्ग की हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई. 

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जांच पड़ताल करने पर घर में कई जगह खून से सने जूतों के निशान मिले हैं. एसीपी के मुताबिक ललित मोहन को घर में अकेला देख कर ही बदमाश अंदर दाखिल हुए थे.एसीपी के अनुसार घर के अंदर सामान बिखरे हुए थेइससे साफ है कि ललित की हत्या लूटपाट के विरोध में हुई. वहीं, ललित मोहन ने बदमाश से काफी देर तक संघर्ष किया था. वहीं, लूट का विरोध होता देख बदमाशों ने धारदार हथियार से ललित मोहन का गला रेत, सिर पर कई वार और कलाई की नस काट दी.

पुलिस की नजर में करीबी ने की वारदात एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह के मुताबिक इस हत्याकांड के खुलासे के लिए कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है. ललित मोहन व प्रीति के बारे में पूरी जानकारी रखने वाले लोगों ने ही वारदात को अंजाम दिया है. इसमें परिवार का कोई करीबी भी हो सकता है. पूर्व नियोजित साजिश के तहत लूट के इरादे से आए बदमाश ने विरोध किए जाने पर ललित की हत्या कर दी. पुलिस अधिकारी इस बिंदू पर जांच कर रहे हैं.

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