19 दिसंबर को 75 मीटर कैनवास पर होगा 'आजादी' जैसा नजारा, दिखेंगी शौर्यगाथा

Ruchi Sharma, Last updated: Thu, 16th Dec 2021, 1:27 PM IST
  • लखनऊ में 19 दिसंबर को काकोरी नायकों को श्रद्धांजलि देने के लिए शहीद दिवस मनाया जाएगा. इसके तहत 75 मीटर लंबे कैनवास पर 75 चित्रकार पेंटिंग बनाएंगे. इस पेंटिंग में चित्रकार भारतवर्ष की गौरव गाथा और महान किरदारों को चित्रित करेंगे. इस दौरान ड्रोन शो भी किया जाएगा. इसमें क्रांतिकारों की कहानी दिखाई जाएगी.
19 दिसंबर को काकोरी बलिदान दिवस पर 75 मीटर लंबे कैनवास पर दिखेगी भारत की गाथा

लखनऊ. प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार काकोरी ट्रेन कार्रवाई में हिस्सा लेने वाले स्वातंत्रता सेनानियों की 94वीं पुण्यतिथि मनाने जा रही है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 19 दिसंबर को काकोरी नायकों को श्रद्धांजलि देने के लिए शहीद दिवस मनाया जाएगा. इसके तहत 75 मीटर लंबे कैनवास पर 75 चित्रकार पेंटिंग बनाएंगे. इस पेंटिंग में चित्रकार भारतवर्ष की गौरव गाथा और महान किरदारों को चित्रित करेंगे. इस दौरान ड्रोन शो भी किया जाएगा. इसमें क्रांतिकारों की कहानी दिखाई जाएगी. इस पूरे कार्यक्रम के आयोजन आजादी के अमृत महोत्सव व चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव की शृंखला में हो रहा है. समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल शामिल होंगे.

होंगे ये कार्यक्रम

- 19 दिसंबर को 1090 चौराहे से सुबह हाफ मैराथन होगी.

- इस मौके पर लोक कलाकार संस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत करेंगे.

- इसके बाद काकोरी स्मारक स्थल में अमर शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि कार्यक्रम होगा

- शहीद स्मारक में कैनवास पर चित्रित आजादी की गाथा को प्रदर्शित किया जायेगा

- 19 दिसंबर को ही शाम को रेजीडेंसी में पुलिस बल बैंड की परफार्मेंस होगी

- रेजीडेंसी में कैनवस पर बनी 75 मीटर लंबी चित्रात्मक गाथा का प्रदर्शन होगा

- स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिजनों का सम्मान भी किया जाएगा

- आकाशीय ड्रोन शो ‘1857 से 1947’ का प्रदर्शन होगा

- भातखंडे संगीत संस्थान अभिमत विश्वविद्यालय की ओर से 75 विद्यार्थियों द्वारा वंदे मातरम का सस्वर पाठ किया जाएगा

 

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बता दें कि 9 अगस्त 1925 को हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के कुछ सदस्यों ने काकोरी रेलवे स्टेशन के पास लखनऊ-सहारनपुर मार्ग पर चलती ट्रेन पर हमला कर ट्रेन से सरकारी खजाने को लूट लिया था. स्वतंत्रता आंदोलन की गतिविधियों के लिए इस धन को लूटा गया था. इस घटना में 40 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था. बाद में ब्रिटिश सरकार ने उन्हें मौत की सजा सुनाई थी. इस काम में मदद करने वालों को भी कड़ी सजा दी गई थी.

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