यति नरसिंहानंद के सामने धर्म परिवर्तन से वसीम रिजवी जितेंद्र नारायण त्यागी बने

Smart News Team, Last updated: Mon, 6th Dec 2021, 3:05 PM IST
  • शिया सेंट्रल बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी ने गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर में यति नरसिंहानंद के सामने सनातन धर्म अपना लिया. रिजवी ने जितेंद्र नारायण त्यागी अपना नया हिंदू नाम रखा.
यति नरसिंहानंद के सामने धर्म परिवर्तन से वसीम रिजवी जितेंद्र नारायण त्यागी बने

लखनऊ. शिया सेंट्रल बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी ने गाजियाबाद के डासना में स्थित देवी मंदिर में इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया है. देवी मंदिर के बाबा यति नरसिंहानंद सरस्वती से मुलाकात के बाद रिजवी ने धर्म परिवर्तन किया और सनातन अपनाने के बाद उनका नाम जितेंद्र नारायण त्यागी कर दिया गया.

हालांकि, वसीम रिजवी ने कहा कि यह धर्म परिवर्तन नहीं है बल्कि इस्लाम से पहले ही उन्हें निकाला जा चुका है इसलिए अब उनकी मर्जी है कि वे किस धर्म के साथ जाएं. साथ ही वसीम रिजवी ने कहा कि सनातन धर्म ही दुनिया का पहला धर्म है जिसके बराबर सच्चा कोई दूसरा धर्म नहीं है.

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वसीम रिजवी ने कहा कि वे इस्लाम को कोई धर्म ही नहीं समझते हैं. रिजवी ने कहा कि हर जुम्मे की नमाज के बाद उनका सिर काटने के फतवे दिए जाते हैं तो ऐसी हालात में उन्हें कोई मुसलमान अगर कहे तो उन्हें खुद भी शर्म आती है.

मालूम हो कि हाल ही में वसीम रिजवी ने कहा था कि उन्होंने अपनी वसीयत लिख दी है और जिसमें उन्होंने बताया कि मरने के बाद रिजवी के शव को अंतिम संस्कार कराया जाए. इस कार्य को पूरा करने के लिए मौत के बाद उनके शव को एक लखनऊ में रहने वाले दोस्त के हवाले कर दिया जाए.

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