इलाज करने से पहले डॉक्टरों नें मांगी कोविड नेगेटिव रिपोर्ट, मरीज की हुई मौत

Smart News Team, Last updated: Thu, 15th Jul 2021, 9:46 AM IST
  • गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों का जब तक कोविड-19 का रिपोर्ट नेगेटिव नहीं आ जा रहा है. तब तक पीजीआई, केजीएमयू और लोहिया संस्थान में डॉक्टर उन्हें होल्डिंग एरिया में रखकर उपचार दे रहे हैं. जिस वजह से गंभीर रूप से मरीजों के जान का खतरा बन रहा है.
कोविड-19 का सैंपल लेते हुए. (प्रतीकात्मक फोटो)

लखनऊ : यूपी के बड़े अस्पतालों में शामिल लोहिया संस्थान, पीजीआई और केजीएमयू में आने वाले गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को तुरंत इलाज देने के बजाय उनको होल्डिंग एरिया में रख कर उपचार दे रहे हैं. डॉक्टर मरीजों को तब तक नहीं छू रहे हैं. जब तक उनकी कोविड-19 रिपोर्ट नहीं आ जाती. हालत यह हो चुके हैं कि मरीज के कोविड-19 की रिपोर्ट आने से पहले मरीज की हालत गंभीर होती जा रही है.

कुछ ऐसा ही केस सोमवार को आया. जहां एक 55 साल की महिला को सांस लेने में दिक्कत और पेट दर्द की शिकायत थी. वह महिला इलाज के लिए लोहिया संस्थान के इमरजेंसी में पहुंची. इमरजेंसी के डॉक्टरों ने महिला को पहले कोरोना की जांच कराने को बोला. बीमार महिला इलाज से पहले कोविड-19 की जांच के लिए लाइन में लग गई. लाइन में लगे रहने के दौरान उस महिला की तबीयत खराब हो गई. जिसके बाद महिला ने दम तोड़ दिया.

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इन तीनों बड़े अस्पतालों में दूसरे जिलों से रेफर किए हुए गंभीर मरीज भी आ रहे हैं. इन मरीजों के नेगेटिव रिपोर्ट आने से पहले इनको होल्डिंग एरिया में रखा जा रहा है. होल्डिंग एरिया में मरीज को बेड पाने के लिए भी जूझना पड़ रहा है. केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ सुधीर सिंह बताते हैं कि अस्पताल में डेढ़ सौ मरीजों का इलाज स्ट्रेचर पर रखकर होल्डिंग एरिया में उपचार हो रहा है. मरीज का जब तक कोविड-19 का रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही मरीजों को बोर्ड में शिफ्ट किया जा रहा है.

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