मायावती की गलती से CM योगी ने ली सीख, गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट में किया बदलाव

Smart News Team, Last updated: Sun, 19th Dec 2021, 12:57 PM IST
  • उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे की योजना 2007 में बसपा सरकार ने बनाई थी. मगर हाई कोर्ट ने मायावती के प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी थी. इसके बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने मायावती की गलती से सीख ली और गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट में बदलाव कर नए सिरे से काम शुरू किया.
मायावती की गलती से CM योगी ने ली सीख, गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट में किया बदलाव (फाइल फोटो)

लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट का शिलान्यास कर दिया है. इस प्रोजेक्ट को साल 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा. गंगा एक्सप्रेसवे की योजना यूपी की मायावती सरकार ने 2007 में बनाई थी. उस वक्त इस एक्सप्रेसवे की प्रस्तावित लंबाई 1047 किलोमीटर रखी गई थी. ये ग्रेटर नोएडा से शुरू होकर बलिया के पास तक खत्म होना था. मगर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2009 में बसपा सरकार के इस प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी थी. अब बीजेपी सरकार ने मायावती की गलती से सीख ली और इस योजना को नए सिरे से बनाया, ताकि आगे इस प्रोजेक्ट में कोई अड़चन न आ सके. 

दरअसल, मायवती सरकार की गंगा एक्सप्रेसवे योजना को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी. इस एक्सप्रेसवे को गंगा नदी के किनारे बनाया जाना प्रस्तावित था. याचिका में कहा गया था कि ये पर्यावरण संरक्षण कानून के नियमों के खिलाफ है. हाई कोर्ट ने इसे सही माना और 2009 में इस प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी.

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बीजेपी की योगी आदित्यनाथ सरकार के सत्ता में आने के बाद इस प्रोजेक्ट की नए सिरे से योजना बनाई गई. योगी सरकार ने मायावती सरकार की गलती से सबक लिया और गंगा एक्सप्रेसवे को गंगा नदी से 10 किलोमीटर दूर बनाया जाना प्रस्तावित किया. ताकि पर्यावरण संबंधी कोई अड़चन न आए. बीजेपी सरकार के इस प्रोजेक्ट को पर्यावरण विभाग की हरी झंडी भी मिल गई.

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अब गंगा एक्सप्रेसवे योगी सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट बन गया है. इसकी लंबाई 594 किलोमीटर है. ये एक्सप्रेसवे मेरठ के पास से शुरू होकर प्रयागराज के पास खत्म होगा. ये यूपी के हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ जिलों से भी गुजरेगा. इससे दिल्ली से प्रयागराज का सफर 5-6 घंटे तक कम हो जाएगा.

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