योगी सरकार का बड़ा फैसला, वाराणसी और कानपुर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू

Smart News Team, Last updated: Thu, 25th Mar 2021, 10:25 PM IST
  •  यूपी की राजधानी लखनऊ और नोएडा के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट ने वाराणसी और कानपुर में भी कमिश्नरेट सिस्टम लागू की मंजूरी दे दी है
योगी सरकार का बड़ा फैसला, वाराणसी और कानपुर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू

लखनऊ: यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश की राजधानी लखनऊ और नोएडा के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट ने वाराणसी और कानपुर में भी कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने की मंजूरी दे दी है. गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में वाराणसी और कानपुर में भी पुलिस कमिश्नरेट लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. 

उत्तर प्रदेश के इन दो बड़े शहरों में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था. जिसको योगी आदित्यनाथ के साथ कैबिनेट की बैठक में गुरुवार को हरी झंडी दे दी है.

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार को प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की नीति को इस फैसले से बल मिलेगा. लखनऊ के साथ ही नोएडा में पहले से ही पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू किया गया है. लखनऊ और नोएडा में एक वर्ष से भी अधिक समय से लागू इस सिस्टम से अपराध में नियंत्रण में सफलता भी मिली है. इसकी सफलता के बाद के से योगी आदित्यनाथ सरकार पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली को अन्य महानगरों में भी लागू करने की तैयारी में लगी थी.

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क्या हैं कमिश्नर प्रणाली के फायदे

पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होते ही पुलिस के पास अधिकार बढ़ जायेंगे. किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पुलिस विभाग को डीएम या किसी और अधिकारियों के फैसले के आदेश का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. पुलिस खुद ऐसी स्थिति में फैसला लेने के लिए सक्षम हो जायेगी. जिले की कानून व्यवस्था से जुड़े सभी फैसलों को लेने का अधिकार कमिश्नर के पास होगा. होटल, बार तथा हथियार के लाइसेंस देने का अधिकार भी पुलिस कमिश्नर के पास होगा. धरना प्रदर्शन की अनुमति देना ना देना, दंगे के दौरान लाठी चार्ज होगा या नहीं, कितना बल प्रयोग हो यह भी पुलिस ही तय करती है. जमीन की पैमाइश से लेकर जमीन संबंधी विवादों के निस्तारण का अधिकार भी पुलिस को मिल जाएगा.

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