यूपी में कोरोना के लक्षणों के बावजूद रिर्पोट निगेटिव तो ऐसे किया जाएगा इलाज

Smart News Team, Last updated: Sun, 18th Apr 2021, 4:23 PM IST
  • योगी सरकार ने प्रदेश में अब ऐसे मरीजों को भी कोरोना का उपचार करने के निर्देश दिये हैं जिनकी कोविड जांच रिपोर्ट नेगेटिव है, लेकिन उन्हें कोरोना के सारे लक्षण हैं. 
यूपी में कोरोना के लक्षणों के बावजूद रिर्पोट निगेटिव तो ऐसे किया जाएगा इलाज (फाइल फ़ोटो)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. योगी सरकार ने प्रदेश में अब ऐसे मरीजों को भी कोरोना का उपचार करने के निर्देश दिये हैं जिनकी कोविड जांच रिपोर्ट नेगेटिव है, लेकिन उन्हें कोरोना के सारे लक्षण हैं और एक्सरे रिपोर्ट, सिटी स्कैन और ब्लड रिपोर्ट में कोरोना जैसे लक्षण मिल रहे हैं या उस मरीज का व्यवहार कोरोना संक्रमित मरीज जैसा है.

इस बाबत प्रदेश के अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने शनिवार को सभी सीएमओ और सभी मण्डलीय उपनिदेशकों को एक पत्र जारी किया है. इस पत्र में कहा गया है कि ऐसे रोगी जिनकी प्रयोगशाला जांच में कोविड रोग की पुष्टि नहीं होती है मगर लक्षणों के आधार पर या फिर एक्स-रे, सीटी स्कैन और ब्लड रिपोर्ट आदि जांचों के आधार पर कोविड से प्रभावित प्रतीत होते हैं ऐसे मरीजों को प्रिजम्टिव कोविड-19 रोगी माना जाएगा.

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ऐसी स्थिति में ऐसे रोगियों का उपचार करने वाले डाक्टर के परीक्षण के बाद उक्त रोगी को अगर कोविड रोग के उपचार दिए जाने की जरूरत लगती है और उसको सारे लक्षण कोवीड वाले हैं तो ऐसे रोगियों को कोविड रोगी के समान ही उपचार दिया जाएगा.

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ऐसे प्रिजम्टिव कोविड-19 डायग्नोसिस वाले रोगियों को उपचार की सुविधा पहले से स्थापित कोविड उपचार केन्द्रों पर ही उपलब्ध करवायी जाएगी. ऐसे रोगियों को इन कोविड उपचार केन्द्रों में अलग वार्ड में रखा जाएगा और उनको भी कोवीड रोगियों वाला ही उपचार दिया जाएगा.

 

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