UP में सरकारी नौकरी में मृतक आश्रित भर्ती की नई नियमावली जारी, जानें

Anurag Gupta1, Last updated: Wed, 3rd Nov 2021, 4:48 PM IST
  • उत्तर प्रदेश में मृतक आश्रितों के मूल सृजित पदों की संख्या के 10 प्रतिशत से ज्यादा अधिसंख्य पद नहीं सृजित किए जाएंगे. यदि किसी सरकारी विभाग में मृतक आश्रित की नियुक्ति के लिए पद नहीं खाली है तो उसे अन्य विभाग में नियुक्ति मिलेगी. संशोधित की गई मृतक आश्रित भर्ती नियमावली मंगलवार को जारी कर दी गई है.
सरकारी नौकरी में मृतक आश्रित के लिए नई नियमावली जारी (फाइल फोटो)

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मृतक आश्रितों के मूल सृजित पदों की संख्या के 10 प्रतिशत से ज्यादा अधिसंख्य पद नहीं सृजित किए जाएंगे. सरकारी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देने के लिए विभागों में यदि उस विभाग में पद नहीं है तो अन्य विभाग में नियुक्ति दी जाएगी. मृतक आश्रित को अन्य विभाग में नौकरी दी जाने को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी. मृतक आश्रितों को अनुकंपा के तौर पर उसी विभाग में नौकरी दिए जाने में कठिनाई आ रही थी जिस पर राज्य सरकार ने योग्यता के आधार पर दूसरे विभाग में नौकरी दिए जाने पर विचार किया.

कार्मिक विभाग ने फैसले के बाद संशोधित की गई मृतक आश्रित भर्ती नियमावली मंगलवार को जारी कर दी है. जारी की गई संशोधित नियमावली में बताया गया है कि मृतक आश्रितों को नौकरी देने के लिए किसी भी विभाग में 10 प्रतिशत तक अधिसंख्य पद पर ही नियुक्ति दी जाएगी. इस निर्धारित सीमा के बाद यदि कोई मृतक आश्रित रह जाता है तो उसे अन्य विभाग में नौकरी दी जाएगी.

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कार्मिक विभाग ने सभी विभागों से खाली पदों के विवरण मांगे हैं. खाली पदों के आधार पर ये तय किया जाएगा किस व्यक्ति को किस विभाग में नौकरी देनी है. इस पर निर्णय करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी. समिति में कार्मिक, वित्त और न्याय विभागों के अलावा अन्य विभागों के सचिव व मुख्य सचिव को भी शामिल किया जाएगा.

मृतक आश्रितों की नियुक्ति को प्राथमिकता दी जाए:

मुख्य सचिव आरके तिवारी ने कर्मचारी संगठनों के साथ हुई बैठक में मृतक आश्रितों को नियुक्ति प्राथमिकता दी जाए और समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए. उन्होंने कहा मृतक आश्रितों को नियुक्ति में आ रही समस्या का समाधान किया जाए जिससे परिवार को अनाश्यक दिक्कतों का सामना न करना पड़े. जेम पोर्टल के माध्यम से आउट सोर्सिंग के माध्यम से भर्ती किए गए कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जाए. जिन कंपनी को सेवा का काम मिला है उनकी शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई किए जानें का निर्देश दिया और कहा कर्मियों की समास्या के समाधान के लिए पोर्टल बनाया जाए.

बैठक में कर्मचारी संगठनों ने निलंबित चल रहे कर्मियों को बहाल किए जाने और महंगाई भत्ते के एरियर का शीघ्र भुगतान किए जाने का मुद्दा भी उठाया. राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने अश्वासन दिया है कि कर्मचारियों की मांगें जल्द पूरी होंगी.

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