कोरोना थर्ड वेव से बच्चों को बचाने को ऐसी तैयारी कर रही योगी सरकार, जानें प्लान

Smart News Team, Last updated: Wed, 19th May 2021, 4:10 PM IST
  • कोरोना की तीसरी लहर का सामना करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में बच्चों के लिए 100/100 बेड का आईसीयू तैयार रखने का निर्देश दिया है. 
बीमार बच्चों का वर्ड (प्रतीकात्मक फ़ोटो)

लखनऊ:देश भर में बढ़ते कोरोना‌ केस के दूसरी लहर के बाद अब विशेषज्ञ तीसरी लहर की ओर संकेत कर रहें हैं. जिसे बच्चों के लिए ज्यादा घातक बताया जा रहा है. इसी चेतावनी के मद्दे नज़र उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इससे बचाव के लिए कमर कसते हुए सुविधाएं बढ़ानेऔर सुरक्षा के उपायों के लिए मुहिम तेज कर दी है. जिसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फैसला लिया है कि प्रदेश भर के डॉक्टरों को गोरखपुर और लखनऊ मेडिकल मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर प्रशिक्षित करेगें.

योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) के बुनियाद को इंसेफलाइटिस के रोकथाम के लिए मजबूत बनाया गया और इसे फैलने से रोका गया, काफी कारगर साबित हुआ है. इसके लिए प्रदेश भर के करीब तीन दर्जन से ज्यादा जिलों में स्वच्छता अभियान से लेकर इंसेफलाइटिस के बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया. जिसके कारण आज प्रदेश में इंसेफलाइटिस के केस काफी कम हो गए और यह लगभग अपने खत्म होने के कगार पर है.

कोरोना की तीसरी लहर में बच्‍चों को बचाने के लिए सरकार का खास प्लान, जानें

अब यूपी सरकार इसी अनुभव का इस्तमाल करते हुए प्रदेश में बच्चों को कोरोना के तीसरी लहर से बचाने की रणनीति पर काम कर रही है. यूपी सरकार का कहना है कि जिस तरह प्रदेश भर में बच्चों को इंसेफलाइटिस से बचाने के लिए पीडियाट्रिक्स इंसेंटिव केयर यूनिट (पीकू) की मदद ली गईं थी. उसका इस्तमाल अब सरकार तत्कालिन परिस्थिति में प्रदेश में बच्चों को कोरोना के तीसरी लहर से बचाने में करेगी.

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साथ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना के तीसरी लहर का बच्चों पर पड़ने वाले असर के चेतावनी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में 100-100 बेड का आईसीयू बच्चों के लिए तैयार रखने का निर्देश दिया है. बाबा राघवदास, जिन्हे इंसेफलाइटिस से बच्चों को बचाने का करीब चार दशक का अनुभव है वो गोरखपुर मेडिकल कॉलेज और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को ट्रेनिंग देंगे.

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