देसी शराब निर्माताओं पर योगी सरकार मेहरबान, शीरा के लिए आरक्षित किया कोटा

Nawab Ali, Last updated: Sat, 30th Oct 2021, 12:40 PM IST
  • उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने देशी शराब निर्माताओं पर मेहरबानी करते हुए सत्र 2021-22 के लिए 18 प्रतिशत शीरे को अरक्षित कर दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में शीरा नीति को मंजूरी दी है. 
यूपी सरकार ने शीरा नीति को मंजूरी दी. फाइल फोटो

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने गन्ने के उत्पाद शीरा को लेकर साल 2021-22 सत्र की नीति जारी कर दी है. सरकार ने देशी शराब निर्माताओं के लिए 18 प्रतिशत शीरा अरक्षित कर दिया है. हाल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने कैबिनेट की बैठक में शीरा नीति को मंजूरी दे दी है. देशी शराब निर्माता शीरे की पूर्ती के लिए दुसरे राज्य से भी आयत कर सकेंगे. हालांकि इसके लिए निर्माताओं को आबकारी आयुक्त व शीरा नियंत्रक से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना जरुरी होगा.

अपर मुख्य सचिव संजय आर भूसरेड्डी ने बताया है कि प्रदेश में इस वर्ष शीरे का 570 लाख क्विंटल उत्पादन हो सकता है. सरकार के इस अनुमानित आंकड़े का 18 प्रतिशत शीरा शराब निर्माताओं के लिए आरक्षित कर दिया है जिसकी अनुमानित संख्या 117.32 लाख क्विंटल होगा. योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया है कि चीनी मिलें चलने पर शीरे की उपलब्धता को देखते हुए आवश्यकता के आधार पर अरक्ष्ण में बदलाव भी किया जा सकता है. 

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आपको बता दें कि शीरा आधारित लघु इकाइयों को को शीरे का आवंटन उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण अधिनियम, 1964 के तहत किया जाता है. इसमें मांग के आधार पर आबकारी आयुक्त को एक लाख क्विंटल तक की मांग वाली इकाइयों के लिए निर्णय लेने का अधिकार होता है लेकिन अगर यह मांग उससे ऊपर जाती है तो उसके लिए सरकार की मंजूरी की आवश्कता होती है. 

 

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