चुनाव ड्यूटी में कोरोना से मृत कर्मचारियों के आश्रितों को योगी सरकार देगी 30 लाख

Smart News Team, Last updated: Tue, 1st Jun 2021, 9:33 AM IST
  • यूपी में पंचायत चुनाव के दौरान कोरोना संक्रमण से मरने वाले कर्मचारियों के आश्रितों को 30 लाख रुपये की राशि मिलेगी. साथ ही अब कोविड निगेटिव आने वाले उन कर्मचारियों को भी मुआवजा मिलेगा, जिनकी मौत पोस्ट कोविड कांप्लिकेशन से हुई.
चुनाव ड्यूटी के दौरान कोरोना से मरने वाले आश्रितों को 30 लाख का मुआवजा (प्रतीकात्मक तस्वीर)

लखनऊ. कोरोना काल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने के दौरान संक्रमण से मरने वाले सभी कर्मियों के आश्रितों को योगी सरकार की ओर से 30 लाख मुआवजा राशि दी जाएगी. कोरोना मृतकों के आश्रितों को दी जाने वाली राशि पहले 15 लाख थी, जिसे बढ़ाकर 30 लाख कर दिया गया है. सोमवार को सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला किया गया. इसके अलावा नए नियम के अनुसार यदि चुनाव ड्यूटी में लगने के एक महीने के अंदर किसी कर्मचारी की मौत होती है, तो उसके आश्रितों को 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी.

निर्वाचन आयोग की ओर से तय की गयी ड्यूटी अवधि की परिभाषा में कोरोना के कारण होने वाले इंफेक्शन और इस वजह से होने वाली मौत में लगने वाले समय का ध्यान नहीं रखा गया है. लेकिन अब कैबिनेट ने फैसला लिया है कि चुनाव ड्यूटी के 30 दिन के भीतर किसी कर्मचारी की कोरोना से मृत्यु होती है, तो उसके आश्रित को मुआवजा दिया जाएगा.

कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद एंटीबॉडी नहीं बना तो मुकदमा लिखवाने थाने पहुंचा युवक फिर…

इसके अलावा उन लोगों को भी यह मुआवजा राशि दी जाएगी, जिनकी कोरोना रिपोर्ट तो निगेटिव आई थी, लेकिन उनकी मौत कोविड कांप्लिकेशन से हुई. ऐसे लोगों के एंटीजन टेस्ट, आरटीपीसीआर की पॉजिटिव रिपोर्ट, ब्लड रिपोर्ट एवं सीटी स्कैन में मिले कोविड इंफेक्शन को कोविड से मृत्यु के प्रमाण के रूप में माना जाएगा. हालांकि ऐसे मामलों में 30 दिन के अंदर मरीज की मृत्यु होने पर ही उन्हें मुआवजा राशि मिल सकेगी.

लखनऊ पुलिस ने सेक्स रैकेट का किया पर्दाफाश, 2 विदेशी युवतियां समेत 8 अरेस्ट

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें