छठ महापर्व 2020: आज डूबते सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य, जानें मुहूर्त और पूजा विधि

Smart News Team, Last updated: 20/11/2020 09:15 AM IST
  • महापर्व छठ पूजा के तीसरे दिन डूबते हुए सूर्यदेव को पहला अर्घ्य देने की परंपरा है. अर्घ्य देने के बाद विधि-विधान से छठ माता की पूजा की जाती है. इस पर्व का समापन अगले दिन उगते सूर्य शुरू को अर्घ्य देने के साथ होता है. 
छठ पूजा का तीसरा दिन है. आज के दिन डूबते हुए सूर्यदेव को पहला अर्घ्य देने की परंपरा है.

लखनऊ. लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा का तीसरा दिन है. इस पर्व का मुख्य दिन आज है. आज शाम को डूबते हुए सूर्यदेव को पहला अर्घ्य देने की परंपरा है. इस पर्व में आज के दिन को संध्या अर्घ्य भी कहते हैं. व्रती सूर्यदेव को पहला अर्घ्य देने के बाद विधि-विधान से छठ माता की पूजा करती है. महापर्व छठ में अगले दिन यानी कि 21 नवंबर को उगते सूर्य शुरू को अर्घ्य देने की परंपरा है. इसी के साथ इस पर्व का समापन हो जाएगा.

लोक आस्था का महापर्व छठ की शुरुआत बुधवार से नहाय-खाय के साथ शुरू हो चुका है. चार दिवसीय छठ महापर्व का आज तीसरा दिन है. आज के दिन यानी कि षष्ठी तिथि के दिन अर्घ्य देने से पहले बांस की टोकरी में फलों, ठेकुआ, चावल के लड्डू और पूजा के सामानों से सजाया जाता है.

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आज सूर्यास्त से कुछ समय पहले व्रती सूर्य देव की पूजा करेंगी और फिर डूबते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद पांच बार परिक्रमा करेंगी. मान्यता है कि डूबते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देने से जीवन में परेशानियों से निजात मिल जाती है. यश, धन और  वैभव की प्राप्ति होती है. इसको लेकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी है उसके अनुसार डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने से व्रती के आंखों की रोशनी बढ़ती है.

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डूबते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देकर व्रती महिलाएं छठ माता से अपने संतान की लंबी आयु और सुख समृध्दि की कामना करती है. 20 नवंबर 2020 को सूर्यास्त का समय 4:59 pm है. वहीं 21 नवंबर 2020 को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने का समय 6:11 am पर है.

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