पहली बार इंसान में सुअर का 'दिल' ट्रांसप्लांट, जानिए कैसे हुआ ये चमत्कार

Smart News Team, Last updated: Wed, 12th Jan 2022, 8:49 AM IST
  • 57 वर्षीय डेविड बेनेट में जेनेटिकली मॉडिफाइड सूअर का दिल ट्रांसप्लांट करने में सफलता पाई है. यह सर्जरी अमेरिका के मैरिलैंड यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में की गई. हालांकि ट्रांसप्‍लांट के बाद डॉक्टर मरीज की हालत पर लगातार नजर रखें हैं. मैरीलैंड में रहने वाले डेविड बेनेट लंबे वक्त से हार्ट की दिक्कत से जूझ रहे थे.
पहली बार इंसान में सुअर का 'दिल' ट्रांसप्लांट, जानिए कैसे हुआ ये चमत्कार

अमेरिकी डॉक्टरों ने मेडिकल साइंस की दुनिया में कमाल कर दिखाया है. ऐसी कारनामा किया है जिसके बारे में आप सोच भी नहीं सकते हैं. दरअसल अमेरिका के सर्जनों ने एक 57 वर्षीय डेविड बेनेट में जेनेटिकली मॉडिफाइड सूअर का दिल ट्रांसप्लांट करने में सफलता पाई है. डॉक्टर ने 9 घंटे तक सर्जरी कर बड़ी कामयाबी हासिल की है. सर्जरी अमेरिका के मैरिलैंड यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में की गई. हालांकि ट्रांसप्‍लांट के बाद डॉक्टर मरीज की हालत पर लगातार नजर रखें हैं. डॉक्टर धीरे धीरे यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या मरीज का शरीर उसे स्वीकार कर पाएगा. ये ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा या नहीं, इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी.

जानकारी के अनुसार मैरीलैंड में रहने वाले डेविड बेनेट लंबे वक्त से हार्ट की दिक्कत से जूझ रहे थे. ज्यादा तखलीफ बढ़ने पर डॉक्टर ने ऑप्शन कर के सुअर का दिल ट्रांसप्लांट करने की बात कहीं. जब डेविड बेनेट को इस बारे में बताया गया तो उनका कहना था कि मेरे सामने दो ही ऑप्शन हैं मौत या फिर ट्रांसप्लांट. डॉक्टरों के मुताबिक, अगर यह सर्जरी सफल हो जाती है तो ये विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ा चमत्कार होगा.

 

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जानिए कैसे हुआ ये चमत्कार

डेलीमेल की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रांसप्लांट करने के लिए सबसे पहले सूअर का चयन किया गया. इसमें शरीर में इंसान के 6 तरह के जीन इंजेक्‍ट किए गए ताकि ह्यूमन बॉडी इसे स्‍वीकार कर सके. इसके बाद सूअर में कुछ ऐसे जीन भी इंजेक्‍ट किए गए जो इसके हार्ट के आकार को बढ़ने से रोकते हैं, ताकि इंसानी शरीर में पहुंचने के बाद यह स्‍थायी रहे. 9 घंटे चली सर्जरी के दौरान मरीज के डैमेज हो हार्ट को निकाला गया और सूजर के जेनेटिकली मोड‍िफाइड हार्ट को ट्रांसप्‍लांट किया गया.

सुअर के दिल का चयन करने के पीछ ये था कारण

सर्जरी से जुड़े डॉक्‍टर्स का कहना है कि मरीज के लिए सूअर का हार्ट चुनने की कई वजह रही हैं. सूअर का दिल आसानी से मिल सकता है. वहीं दूसरी 6 महीने के अंदर इसके दिल के आकार को इंसानी हार्ट के आकार के मुताबिक बदला जा सकता है. यही वजह है कि कई बायोटेक कंपनियां सूअर के अंगों को विकसित कर रही हैं ताकि इनका इस्‍तेमाल ह्यूमन ट्रांसप्‍लांट के लिए किया जा सके.

पिछले साल अमेरिका में 3800 हार्ट ट्रांसप्‍लांट किए गए थे

डेलीमेल की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 1.20 लाख अमेरिकी लोगों को वर्तमान में ट्रांसप्‍लांट के लिए स्‍वस्‍थ अंगों की जरूरत है. ऑर्गन ट्रांसप्‍लांट के लिए इंतजार करते हुए रोजाना 20 मरीजों की मौत हो रही है. यूनाइटेड नेटवर्क फॉर ऑर्गन शेयरिंग की रिपोर्ट कहती है, पिछले साल अमेरिका में 3800 हार्ट ट्रांसप्‍लांट किए गए थे. जो एक रिकॉर्ड है.

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