Govardhan puja 2021: क्यों की जाती है गोवर्धन पूजा, क्या है इसका महत्व, जानें रोचक कहानी

Priya Gupta, Last updated: Sun, 26th Sep 2021, 1:50 PM IST
दीवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा का त्योहार मनाया जाता है, इस साल गोवर्धन पूजा 5 नवंबर यानी शनिवार को मनाया जाएगा.
क्यों की जाती है गोवर्धन पूजा, क्या है इस महत्व

दीवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा का त्योहार मनाया जाता है, इस साल गोवर्धन पूजा 5 नवंबर यानी शनिवार को मनाया जाएगा. हिंदू मान्यता के अनुसार, कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा की जाती है. इस पर्व पर गोवर्धन और गाय माता की पूजा-अर्चना करने की परंपरा है. इस पर्व में बर से गोवर्धन पर्वत का चित्र बनाकर गोवर्धन भगवान की पूजा की जाती है.गोवर्धन पूजा का प्रचलन आज से नहीं, बल्कि भगवान कृष्ण के द्वापर युग से चला आ रहा है. द्वापर युग में पहले ब्रजवासी भगवान इंद्र की पूजा किया करते थे.

इस पूजा की एक बहुत ही पुरानी कहानी है कहा जाता है एक बार भगवान श्रीकृष्ण ने गोकुलवासियों से इंद्रदेव की पूजा करने के बजाय गोवर्धन की पूजा करने को कहा. इससे पहले गोकुल के लोग इंद्रदेव को अपना इष्ट मानकर उनकी पूजा करते थे. भगवान श्रीकृष्ण ने गोकुलवासियों से कहा कि गोवर्धन पर्वत के कारण ही उनके जानवरों को खाने के लिए चारा मिलता है. गोर्वधन पर्वत के कारण ही गोकुल में बारिश होती है. इसलिए इंद्रदेव की जगह गोवर्धन पर्वत की पूजा-अर्चना की जानी चाहिए.

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जब इंद्रदेव को श्रीकृष्ण की इस बात के बारे में पता चला तो उन्हें बहुत क्रोध आया और बृज में तेज बारिश शुरू कर दी. तब श्रीकृष्ण भगवान ने बृज के लोगों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाकर बृजवासियों को इंद्र के प्रकोप से बचा लिया. तब बृज के लोगों ने श्रीकृष्ण को 56 भोग लगाया था. इससे खुश होकर श्रीकृष्ण ने गोकुलवासियों की हमेशा रक्षा करने का वचन दिया था.

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