सौभाग्य के लिए सुहागनें रखती हैं तीज का व्रत, जानें विधि और पूजा मुहूर्त

Smart News Team, Last updated: Thu, 20th Aug 2020, 8:38 PM IST
  • हरतालिका तीज 21 अगस्त को मनाई जाएगी. यह व्रत हर साल भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष के तृतीया तिथि को रखा जाता है.
हरतालिका तीज का पर्व 21 अगस्त को मनाया जाएगा.

लखनऊ. हरतालिका तीज उत्तर भारत में एक बड़ा त्यौहार है. इस साल 21 अगस्त को लखनऊ समेत उत्तर भारत के अधिकांश शहरों में मनाया जाएगा. इस दिन महिलाएं अखण्ड सौभाग्य के लिए माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करती हैं. इस दिन की मान्यता है कि कुंवारी कन्याएं मनचाहे वर के लिए भी व्रत रखती हैं. इस व्रत को काफी कठीन माना जाता है जिसमें महिलाएं 24 घंटे बिना पानी पिए उपवास रखती हैं.

हरतालिका तीज की व्रत विधि

इस उपवास यानी व्रत को बेहद कठिन माना जाता है. हरतालिका तीज पर व्रत दो प्रकार से करने का प्रचलन है. इसमें एक है निर्जला और दूसरा है फलाहारी. निर्जला व्रत में 24 घंटे तक बिना पानी और बिना खाना के रहना होता है. वहीं, फलाहारी व्रत रखने वाले लोग पानी पिते रहते हैं, साथ में फल भी खा सकते हैं. फलाहारी कहा ही इसलिए जाता है क्योंकि अनाज खाना मना होता है. ऐसे में, जो लोग निर्जला व्रत नहीं रख पाते वो लोग फलाहारी व्रत रहते हैं.

हरतालिका तीज की पूजा विधि

21 अगस्त यानी भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि तो सुबह स्नान आदि कर साफ वस्त्र धारण करें. उसके बाद पूजा स्थान की सफाई कर लें. अब पूजा स्थान पर बैठकर हाथ में जल और पुष्प लेकर पूरे दिन हरतालिका तीज व्रत का संकल्प लें. व्रत का पालन करते हुए सुबह या शाम पूजा के शुभ मुहूर्त को देखकर पूजा करें. पूजा करने के लिए सबसे पहले मिट्टी का एक शिवलिंग, माता पार्वती और गणेश जी की मूर्ति बना लें. पूजा की शुरुआत भगवान शिव पर गंगाजल के अभिषेक से करें. फिर भांग, धतूरा, बेलपत्र, सफेद चंदन, फल, फूल आदि चढ़ाए. साथ में ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करते रहे. इसके बाद माता पार्वती को अक्षत्, सिंदूर, फूल, फल, दीप, धूप अर्पित करें. इस दौरान मंत्रों का जाप भी करते रहे.

पूजा का शुभ मुहूर्त

सुबह 5 बजकर 54 मिनट से सुबह 8 बजकर 30 मिनट तक

शाम 6 बजकर 54 मिनट से रात 9 बजकर 6 मिनट

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