लखनऊ शाह नजफ इमामबाड़ा अपनी खूबसूरती और इतिहास के लिए देशभर में है मशहूर

Smart News Team, Last updated: Sat, 31st Jul 2021, 11:44 PM IST
  • लखनऊ का बड़ा इमामबाड़ा और छोटा इमामबाड़ा देशभर में मशहूर है, लेकिन यहां एक और इमामबाड़ा स्थित है, जो अपनी खूबसूरती, वास्तुकला और इतिहास के लिए खूब जाना जाता है. इस इमामबाड़ा का नाम शाह नजफ इमामबाड़ा है, जिसे अवध के पांचवें नवाब गाजी उद दीन हैदर ने बनवाया था.
शाहनजफ इमामबाड़ा की खास बात यह है भी है कि यह बिल्कुल इराक के नज्जाफ शहर में स्थित इमाम हजरत अली रउसा से काफी मिलती जुलती है. (Credit:-lucknowonline.in)

नवाबों का शहर कहे जाने वाला लखनऊ अपनी ऐतिहासिक इमारतों, संस्कृति और खान-पान के लिए खूब जाना जाता है. यूं तो लखनऊ का बड़ा इमामबाड़ा और छोटा इमामबाड़ा देशभर में मशहूर है, लेकिन यहां एक और इमामबाड़ा स्थित है, जो अपनी खूबसूरती, वास्तुकला और इतिहास के लिए खूब जाना जाता है. इस इमामबाड़ा का नाम शाह नजफ इमामबाड़ा है, जिसे अवध के पांचवें नवाब गाजी उद दीन हैदर ने बनवाया था.

गाजी उद दीन हैदर की मृत्यू के बाद उन्हें शाहनजफ इमामबाड़ा में ही दफनाया गया था. उनकी इच्छा थी कि निधन के बाद उन्हें उनकी तीन पत्नियों सरफराज महल, मुमताज महल और मुबारक महल संग वहां दफन किया जाए. यह भव्य इमारत अपनी वास्तुकला के लिए भी खूब जानी जाती है. यहां एक बड़ा सा श्राइन है, जिसमें सफेद गुंबद है और वह चीज चारों और से दीवारों से घिरी हुई है.

शाहनजफ इमामबाड़ा की खास बात यह है भी है कि यह बिल्कुल इराक के नज्जाफ शहर में स्थित इमाम हजरत अली रउसा से काफी मिलती जुलती है. (Credit:- Twitter)

शाहनजफ इमामबाड़ा की खास बात यह है भी है कि यह बिल्कुल इराक के नज्जाफ शहर में स्थित इमाम हजरत अली रउसा से काफी मिलती जुलती है. इमारत के सेंट्रल हॉल को कई ऐतिहासिक चित्रों और स्मृतियों से सजाया गया है. कहा जाता है कि इमारत को सजवाने के लिए नवाब ने अंग्रेज सरकार के साथ समझौता किया था और इसकी सजावट व रखरखाव के लिए बड़ी कीमत भी चुकाई थी.

शाहनजफ इमाम बारा के पास ही गाजी उद दीन हैदर की पत्नी मुमताज महल के लिए एक घर और मस्जिद भी बनवाई गई थी. हालांकि साल 1913 में उस इमारत को सड़क के निर्माण के लिए गिरा दिया गया था. वहीं इमामबाड़ा की बात करें तो सफेद रंग की यह इमारत हरियाली के बीच काफी खूबसूरत लगती है. इमारत की दीवारों पर की गई कारीगरी भी वाकई देखने लायक है. लखनऊ के बाकी दोनों इमामबाड़े की तरह यह इमामबाड़ा भी मुख्य पर्यटन स्थलों में से एक है.

सफेद रंग की यह इमारत हरियाली के बीच काफी खूबसूरत लगती है. (Credit:-twitter)

कैसे पहुंचें: लखनऊ जंक्शन से शाह नजफ इमामबाड़ा की दूरी मात्र 4.8 किलोमीटर है, ऐसे में लोग रिक्शा या निजी वाहन कर आसानी से यहां तक पहुंच सकते हैं. वहीं लखनऊ एयरपोर्ट से इमामबाड़ा की दूरी करीब 13.9 किलोमीटर है, ऐसे में पर्यटक निजी वाहन कर 28 मिनट में यहां तक आसानी से पहुंच सकते हैं.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें