Mahashivratri 2022: कैसे मिली शिवजी को तीसरी आंख, रहस्य जान हो जाएंगे हैरान

Pallawi Kumari, Last updated: Fri, 25th Feb 2022, 10:01 AM IST
  • भगवान शिव की प्रतिमा या शिवलिंग पर तीन आखें देखी जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कैसे मिली शिवजी की तीसरा आंख और क्या है इसका रहस्य. शिवजी की तीसरी आंख के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. इसका जिक्र पुराणों में किया गया है.
शिवजी की तीसरी आंख (फोटो साभार-सोशळ मीडिया)

वैसे तो सभी देवी-देवता का अपना अपना अलग महत्व होता है. लेकिन देवों के देव महादेव से कई रहस्य चौंकाने वाले होते हैं. इन्ही में से एक रहस्य है शिवजी की तीसरी आंख का. भगवान शंकर की तीसरी आंख का जिक्र पुराणों में किया गया है. कहा जाता है कि इस तीसरी आंख से भोलेनाथ ब्रह्मांड देख सकते हैं. आइये जानते हैं शिवजी की तीसकी आंख से जुड़े ऐसे ही कुछ रहस्य के बारे में.

भगवान शिव ऐसे देवता हैं जिनकी अराधना देवी-देवता, दैत्य-दानव से लेकर मानव तक करते हैं. भगवान शिव से जुड़े कई रहस्य हैं जो चौंकाने वाले हैं, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं. इन्ही में से एक है शिवजी की तीसरी आंख, जिसका जिक्र पुराणों में भी मिलता है. पुराणों में भगवान की तीसरी आंख को प्रलय कहा गया है. शिवजी हमेशा तीसरी आंख के साथ नजर नहीं आते. लेकिन जब वो अपनी तीसरी आंख खोलते हैं तो क्रोध, अग्नि और प्रलय से धरती पर विनाश का खतरा मंडराता है. शिवजी की तीनों आंखों के अलग अलग रहस्य और गुण हैं.

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शिवजी की तीन नेत्र का महत्व- तीन नेत्र होने के कारण शिवजी को त्रिनेत्रधारी भी कहा जाता है. शिवजी की तीसरी आंख ललाट पर दोनों भौंहों के बीच में होती है. दांए नेत्र सत्वगुण और बांए नेत्र रजोगुण और तीसरे नेत्र में तमोगुण का वास होता है. एक आंख में चंद्रमा और दूसरी में सूर्य का वास है. वहीं तीसरी आंख को विवेक माना गया है.

तीसरी आंख से जुड़ी कथा- शिवजी की तीसरी आंख से जुड़ी एक कथा है, जिसमें बताया गया है कि शिवजी ने अपनी तीसरी आंख से ही कामदेव को भस्म कर दिया था. प्रणय के देवता कामदेव शिवजी को लुभाने के लिए पापवृत्ति से कोशिश कर रहा था. तब भगवान ने तीसरी आंख खोली और दिव्य अग्नि से कामदेव को भस्म कर दिया.

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