महाकवि गोपालदास नीरज की 96वीं जयंती आज, राजधानी में बनेगा नीरज चौक

Smart News Team, Last updated: Mon, 4th Jan 2021, 11:37 AM IST
  • वो मंच के शहंशाह हुआ करते थे। जिस भी कवि सम्मेलन में वो होते थे, लोग उनको ही सुनना चाहते थे। वो आम आदमी के दिल के बहुत करीब थे। उनकी भाषा बहुत सरल-सहज होती थी और शब्द बहुत गहरे। उनकी कविता सर्वग्राही थीं। - सोम ठाकुर, वरिष्ठ कवि
गोपालदास नीरज 

लखनऊ : छिप-छिप आंसू बहाने वालों, मोती व्यर्थ लुटाने वालों, कुछ सपनों के मर जाने से जीवन नहीं मरा करता है... इस अमर गीत की रचना करने वाले वरिष्ठ कवि पद्‌मश्री गोपालदास नीरज ने साहित्य के क्षितिज पर ऐसी अमिट छाप छोड़ी कि उस शून्य को भर पाना मुश्किल है।  आज ही दिन 1924 में इटावा में जन्मे पद्मश्री गोपालदास नीरज ने शुरू में कानपुर को ही अपना कार्यक्षेत्र बनाया था। हालांकि बाद में वो कानपुर से मुंबई शिफ्ट हो गए थे। नीरज जी अगर आज जीवित होते तो आज उनका 96 वां जन्मदिन होता। उनके गीत और शब्द सीधे लोगों के दिल पर दस्तक देते थे।

कानपुर में संघर्ष के दिनों को नीरज कभी भूल नहीं पाए। एक दौर ऐसा भी था जब कानपुर के लोगों के व्यवहार से उनका दिल टूट गया था। उनके गीत जहां प्रियतमा के हृदय तक पहुंचते थे वहीं आम आदमी की समस्याओं से भी खुद को जोड़ते थे। उन्होंने कविता 'कानपुर के नाम' में इस शहर को लेकर एक-एक मोहल्ले में बिखरी हुई यादों को समेटने का प्रयास किया। पद्मश्री गोपालदास नीरज का जीवन चक्र इटावा से शुरू हुआ जो दिल्ली, कानपुर, मुंबई और अलीगढ़ तक जा पहुंचा। उनके गीतों की यात्रा में कानपुर एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा जिसने उनके गीतों को दर्द दिया और उसी दर्द ने मुंबई के लिए रास्ता खोला।

वरिष्ठ कवि सोम ठाकुर ने नीरज को याद करते हुए कहा कि वो मंच के शहंशाह हुआ करते थे। जिस भी कवि सम्मेलन में वो होते थे, लोग उनको ही सुनना चाहते थे। वो आम आदमी के दिल के बहुत करीब थे। उनकी भाषा बहुत सरल-सहज होती थी और शब्द बहुत गहरे। उनकी कविता सर्वग्राही थीं। कविता में दर्शन था। शैली ऐसी थी कि सबके दिलों में समा जाए। पढ़े लिखे और बिना पढ़े लोग भी उनके गीतों के मुरीद थे।

जनेश्वर पार्क और विपुल खंड को जोड़ने वाला तिराहा कवि नीरज के नाम से होगा

मेयर संयुक्ता भाटिया ने जनेश्वर पार्क और विपुल खंड को जोड़ने वाले फ्लाईओवर वाली रोड का तिराहा नीरज जी के नाम पर करने का फैसला किया है। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन स्थानीय विधायक व कानून मंत्री डॉ. ब्रजेश पाठक, महापौर संयुक्ता भाटिया व  पार्षद रामकृष्ण यादव इस चौक का उद्‌घाटन करेंगे। इस अवसर भव्य कवि सम्मेलन भी होगा। इसमें नीरज जी की विधा के कवि आमंत्रित हैं। सम्मेलन में डॉ. उदय प्रताप सिंह, राजेन्द्र राजन, डॉ विष्णु सक्सेना, बलराम श्रीवास्तव, राजीव राज व शशांक प्रभाकर सहित अन्य आमंत्रित हैं। डॉ. उदय प्रताप सिंह को प्रथम 'महाकवि नीरज सम्मान' से अलंकृत किया जाएगा।

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