लाल नहीं पारदर्शी रंग का है इस मछली का खून,मिले 6 करोड़ घोंसले, देखकर उड़ गए होश

Ruchi Sharma, Last updated: Sat, 15th Jan 2022, 11:15 AM IST
  • अंटार्कटिका में एक ऐसा ही जीव मिला. जिसके खून का रंग पारदर्शी है. दरअसल अंटार्कटिका के बर्फ से ढके वेडल सागर में पहली बार पारदर्शी खून वाली मछलियां देखी गई. इसके साथ ही मछली की खोपड़ी को भी आसानी से देखा जा सकता है.
अंटार्कटिका के नीचे पारदर्शी मछलियों के 6 करोड़ घोंसले मिले

शरीर में मौजूद खून का रंग लाल होता है. यह तो हम सब जानते हैं, लेकिन हर खून का रंग लाल नहीं होता. कई जीव जंतु ऐसे भी हैं जिनके खून का रंग अलग होता है. यह खून इन जीव पशु पक्षियों के लिए वहीं काम करता है जो हमारे अंदर हीमोग्लोबिन करता है. इसी क्रम में अंटार्कटिका में एक ऐसा ही जीव मिला. जिसके खून का रंग पारदर्शी है. दरअसल अंटार्कटिका के बर्फ से ढके वेडल सागर में पहली बार पारदर्शी खून वाली मछलियां देखी गई. इसके साथ ही मछली की खोपड़ी को भी आसानी से देखा जा सकता है.

जानकारी हो कि वेडल सागर आकार में माल्टा देश के बराबर है. अंटार्कटिका में बर्फीली मछली यानी आइसफिश के 6 करोड़ घोंसले मिले हैं. ये घोंसले अंटार्कटिका के वेडेल सागर की तलहटी में खोजे गए. इतनी मात्रा में इन मछलियों की संख्या और घोंसले देखकर वैज्ञानिक हैरान रह गए. क्योंकि इससे पहले कभी भी इतनी ज्यादा मात्रा में किसी भी मछली के घरों को नहीं देखा गया था. यह किसी भी मछली की दुनिया में सबसे बड़ा ब्रीडिंग ग्राउंड यानी प्रजनन केंद्र माना जा रहा है.

 

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नहीं होती लाल रक्त कोशिकाएं

वेडिंग सागर में मिली पारदर्शी खून वाली मछलियों की यह कॉलोनी दुनिया की सबसे बड़ी कॉलोनी हैं. इसे आइसफिश (नियोपेगेटोप्सिस आयनाह) घर माना जाता है. आइफिश में एक देखने वाली खोपड़ी और पारदर्शी खून होता है. आइसफिश एकमात्र ऐसी के कशेरूकी है, जिनमें लाल रक्त कोशिकाएं नहीं होती है.

इस छिपकली का रंग होता है हरा

ऐसी ही प्रेसिनोहीमा नाम की छिपकली की एक प्रजाति है जिसका खून चमकीले हरे रंग का होता है. New Guinea में पाई जाने वाली ये छिपकली एक तरह के ग्रीन बाइल पिगमेंट के कारण हरे रंग की दिखाई भी देती है. ये बाइल पिंगमेंट वही है, जिसके होने पर इंसानों में पीलिया बीमारी हो जाती है लेकिन इस छिपकली में इसका प्रतिशत 40 गुना तक ज्यादा होने के बाद भी ये काफी स्वस्थ होती है, हालांकि इनका काटना इंसानों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है.

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