लखनऊ: अब शिक्षकों की भी चलेंगी ऑनलाइन क्लास, होगा 20 अंक का गोपनीय मूल्यांकन

Smart News Team, Last updated: 29/08/2020 09:25 AM IST
  • बेसिक शिक्षा विभाग अब शिक्षकों की ऑनलाइन ट्रेनिंग करवाएगा. इसके लिए शिक्षकों की ई-लर्निंग पासबुक बनेगी साथ ही 20 अंकों का गोपनीय मूल्यांकन भी होगा.
बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय प्रयागराज

लखनऊ:अब प्रदेश के बेसिक बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों का प्रशिक्षण भी अब ऑनलाइन होगा. इसके साथ ही शिक्षकों की वार्षिक गोपनीय आख्या में भी इसके 20 अंकविशेष जुड़ेंगे. ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए शिक्षकों की ई-लर्निंग पासबुक बनेगी.

जानकारी के मुताबिक अब उत्तर प्रदेश सरकार विद्यार्थियों के साथ ही शिक्षकों को भी ऑनलाइन प्रशिक्षण देने वाली है. यही नही इस ऑनलाइन प्रशिक्षण का मूल्यांकन भी होगा. शिक्षकों ने क्या सीखा, इसकी एक ई-लर्निंग पासबुक तैयार होगी. शिक्षकों के ऑनलाइन प्रशिक्षण से उम्मीद की जा रही है कि राज्य सरकार प्रशिक्षण पर खर्चे जाने वाले 125 करोड़ रुपये की बचत भी कर सकेगी. प्रशिक्षण के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया तय कर दी है.

शिक्षकों हर साल करीब 100 कोर्स को करवाए जाएंगे. शिक्षकों के ऑनलाइन प्रशिक्षण के संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने आदेश जारी कर दिया है. मुख्य सचिव के आदेश के मुताबिक, राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद प्रशिक्षण के लिए कैलेण्डर जारी करेगी और इसके मुताबिक शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण लेना होगा. हर प्रशिक्षण के बाद मूल्यांकन भी होगा. इसके लिए एससीईआरटी कैलेण्डर को छोटी डायरी की शक्ल में प्रशिक्षण की अवधि, लक्षित शिक्षक, मूल्यांकन अवधि समेत क्यूआर कोड आदि शिक्षकों को देगा, इसी कोड को स्कैन कर कोर्स किया जा सकेगा. 

आपको बता दें कि अभी तक शिक्षकों का प्रशिक्षण ब्लॉक स्तर पर होता है जिसमें  उसमें न तो शिक्षकों की जिम्मेदारी तय की जाती है और न ही मूल्यांकन होता है. इसके साथ ही शिक्षकों की लापरवाही की भी खबर सामने आती है. अब शिक्षकों की ई-लर्निंग पासबुक दीक्षा ऐप के माध्यम से यह प्रशिक्षण दिया जाएगा. यहां हर शिक्षक के बारे में एक क्लिक पर देखा जा सकेगा कि उसने कितने प्रशिक्षण कार्यक्रमों को पूरा कर लिया है. उसका मूल्यांकन क्या रहा? उनकी ई-लर्निंग पासबुक से प्रशिक्षण का पूरा ब्यौरा देखा जा सकेगा. वहीं यहां से अच्छी तरह ट्रेनिंग करने वाले शिक्षक भी चिह्नित हो जाएंगे.

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