मेरठ: 8 बार के एमएलसी ओमप्रकाश शर्मा हारे, बोले- फर्जी वोट के कारण हुई हार

Smart News Team, Last updated: 04/12/2020 11:11 AM IST
  • श्री चंद शर्मा ने आठ बार के एमएलसी ओमप्रकाश शर्मा को प्रथम वरीयता में 4184 वोटों से हराया है. ओमप्रकाश शर्मा का कहना है कि उन्हें शिक्षकों के वोट नहीं फर्जी वोटों ने हराया है. ओमप्रकाश शर्मा पिछले 48 साल से इस सीट पर एमएलसी थे. उनकी हार को शिक्षक राजनीति में बड़े उल्टफेर के रूप में देखा जा रहा है.
8 बार के एमएलसी ओमप्रकाश शर्मा की मेरठ शिक्षक की हार.(फाइल फोटो)

मेरठ. मेरठ खंड शिक्षक सीट पर भाजपा प्रत्याशी श्री चंद शर्मा ने आठ बार के एमएलसी रहे ओमप्रकाश शर्मा को हराया है. उन्होंने ओमप्रकाश शर्मा को प्रथम वरीयता में 4184 वोटों से हराया है. ओमप्रकाश शर्मा का कहना है कि उन्हें शिक्षकों के वोट नहीं फर्जी वोटों ने हराया है. ओमप्रकाश शर्मा पिछले 48 साल से इस सीट पर एमएलसी थे. उनकी हार को शिक्षक राजनीति में बड़े उल्टफेर के रूप में देखा जा रहा है.

ओमप्रकाश शर्मा की हार पिछली बार 2014 में भाजपा प्रत्याशी की हार के हिसाब बराबर के रूप में देखा जा रहा है. 2014 के चुनाव में ओमप्रकाश शर्मा ने 1203 मतों से हराया था ओर आठवीं बार जीत हासिल की थी. हार के बाद ओमप्रकाश शर्मा ने कहा है कि उन्होंने सालों तक शिक्षकों की सेवा की है. इसलिए शिक्षकों ने उन्हें नहीं हराया बल्कि फर्जी पड़े वोटों की वजह से वो हारे हैं. प्रशासनिक तंत्र ने साजिश के तहत उन्हें हराया गया है. लेकिन वो आगे भी इन शिक्षकों के लिए काम करते रहेगें.

जीत का प्रमाणपत्र लेते एमएलसी विजेता श्रीचंद शर्मा.

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निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ने वाले ओमप्रकाश शर्मा बड़े नेता माने जाते हैं. पहली बार वे 1970 में पहली बार चुनाव जीते थे. वे विधान परिषद के सभापति भी रह चुके हैं. साथ ही विधानमंडल की बड़ी समिति राजकीय आश्वासन समिति के सभापति रह चुके हैं. मेरठ में पहली बार भाजपा का प्रत्याशी विजय हुआ हैं. इसलिए ओमप्रकाश शर्मा की हार को बड़े उल्टफेर के रूप में देखा जा रहा है.

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