यूपी में लॉकडाउन उल्लंघन-ट्रैफिक नियम न मानना पड़ा मंहगा, घर आ रहे ई-चालान नोटिस

Smart News Team, Last updated: Fri, 6th Aug 2021, 3:04 PM IST
  • कोरोनाकाल के शुरुआती महीनों में यूपी में लगे लॉकडाउन के दौरान काटे गए ई-चालान वाहन के मालिकों के पास अब पहुंच रहे हैं. वाहन चालकों को 10 महीने बाद पता चला रहा है कि उन्होंने ट्रैफिक नियम तोड़ने के साथ लॉकडाउन के नियमों का भी उल्लघंन किया था.
यूपी में लॉकडाउन उल्लंघन-ट्रैफिक नियम न मानना पड़ा मंहगा, घर आ रहे ई-चालान नोटिस, प्रतीकात्मक फोटो

मेरठ. कोरोनाकाल के शुरुआती महीनों में यूपी में लगे लॉकडाउन के दौरान काटे गए ई-चालान वाहन के मालिकों के घर अब पहुंच रहे हैं. वाहन चालकों को 10 महीने बाद पता चला रहा है कि उन्होंने ट्रैफिक नियम तोड़ने के साथ लॉकडाउन के नियमों का भी उल्लघंन किया था.

कुछ लोग चालान के पैसे देने के दौरान विरोध भी कर रहे हैं. बता दें कि 22 मार्च, 2020 को जनता कर्फ्यू के बाद पूरे देश में अप्रैल और मई महीने में लॉकडाउन लगाया गया था. गंगानगर में रहने वाले अमित कुमार ने कहा कि उनका स्विफ्ट गाड़ी का लॉकडाउन उल्लघंन और सीट बेल्ट नहीं लगाने पर तीन अप्रैल को ई-चालान हुआ था. नोटिस 31 जनवरी को घर पर आया है.

ऐसे ही कुछ सदर बाजार के निवासी राकेश जैन ने बताया. उन्होंने कहा कि 30 मार्च, 2020 को उनकी आई टेन गाड़ी का ई-चालान करा गया. अभी तक कोई मैसेज नहीं मिला था. अचानक से 27 दिसंबर को घर पर ट्रैफिक पुलिस ने दो हजार रुपये के ई-चालान की कॉपी भेजी है. कई लोग ऐसे भी जिन्होंने अपने वाहन बेच दिए हैं. इनसे गाड़ी खरीदने वाले का नाम आरटीओ में दर्ज नहीं हुआ है.  जिस कारण जिसके नाम पर वाहन का रजिस्ट्रेशन हुआ है, उसके घर के पते पर ई-चालान के नोटिस आ रहे हैं.

आपको बता दें कि यूपी ट्रैफिक पुलिस ने साल 2020 में एक जनवरी से 31 दिसंबर तक 97 हजार वाहनों के ई-चालान किए थे. हर महीने पुलिस नौ से दस हजार वाहनों के चालान कर रही है. पुलिस के एक ई़-चालान पर सात रुपये खर्च होते हैं.

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