मेरठ आनंद हॉस्पिटल में आधी रात खत्म हुई ऑक्सीजन, हाहाकार मचते ही मरीजों के परिजन लेकर पहुंचे सिलेंडर

Smart News Team, Last updated: Sun, 25th Apr 2021, 8:33 AM IST
  • मेरठ के आनंद हॉस्पिटल में शनिवार को ऑक्सीजन खत्म होने के बाद मरीजों के परिजन सिलिंडर लेकर पहुंचे. उसके बाद मरीजों की जान बचाई जा सकी. स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक घंटे बाद ऑक्सीजन की व्यवस्था कराइ गई.
मेरठ आनंद हॉस्पिटल में आधी रात खत्म हुई ऑक्सीजन हाहाकार मचते ही मरीजों के परिजन लेकर पहुंचे सिलेंडर

मेरठ. इस कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों के के कारण मेडिकल सुविधाएं कम पड़ने लगी है. इसी तरह मेरठ में आनंद हॉस्पिटल में शनिवार को अचानक ऑक्सीजन खत्म हो गया. जिसके कारण ऑक्सीजन वेंटीलेटर पर भर्ती मरीजों की सांसे उखड़ने लगी. जिसके कारण पूरे अस्पताल में हड़कम्प मच गया. जिसको लेकर अस्पताल प्रशासन ने सीएमओ से लेकर डीएम तक से ऑक्सीजन की गुहार लगाई. वही कही से मदद नहीं मिलने पर हॉस्पिटल प्रशासन ने मरीजों के परिजनों को ही ऑक्सीजन की व्यवस्था करने के लिए बोल दिया. जब मरीजों के परिजन देर रात ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर पहुंचे तो लोगों के जान में सांस आई.

हॉस्पिटल चार दिन पहले ही बता दिया था ऑक्सीजन की कमी को

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि उन्होंने 21 अप्रैल को ही जिलाधिकारी, सीएमओ और आईएमए अध्यक्ष एवं सचिव कॉप्टर लिखकर ऑक्सीजन की कमी के बारे में बता दिया था, लेकिन उसके बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने कुछ नहीं किया. वही पत्र में बताया था कि अगर समय से ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं किया गया तो स्थिति जानलेवा हो सकती है. इसके साथ ही आनद हॉस्पिटल प्रशासन ने बताया कि उनके यहां कोविड वार्ड में 174 मरीज भर्ती है, जिसमे से 141 मरीज वेंटिलेटर ऑक्सीजन पर है. वही इमरजेंसी वार्ड में 130 मरीज भर्ती है जिसमे से 48 मरीज ऑक्सीजन वेंटिलेटर पर भर्ती है. 

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परिजनों ने की ऑक्सीजन की व्यवस्था

अस्पताल प्रशासन को जब समय पर ऑक्सीजन नहीं मिला तो उन्होंने मरीजों के परिजनों से सिलिंडर लेकर हॉस्पिटल पहुचने के लिए कहा. वही मरीजों के परिजनों ने शनिवार की आधी रात को जैसे तैसे करके ऑक्सीजन की व्यवस्था कर अस्पताल पहुंचे. जिसके बाद मरीजों की जान में सांस आई. वही दूसरी तरफ सीएमओ 17 एम्बुलेंस लेकर आनद हॉस्पिटल पहुंचे. अगर किसी मरीज की स्थिति ज्यादा गम्भीर होती है तो उन्हें दूसरे अस्पताल में ले जाकर भर्ती किया जा सके, लेकिन परिजनों के द्वारा लाए गए ऑक्सीजन से लोगों की जान बच गई.

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